बहुचर्चित ज्योति हत्याकांड में मुख्य आरोपी ज्योति का पति पीयूष श्यामदासानी छह साल बाद जेल से बाहर आ गया। हाईकोर्ट से पीयूष को जमानत मिल गई है। हालांकि हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ ज्योति के पिता की ओर से सुप्रीमकोर्ट में अर्जी दी गई थी लेकिन वह नामंजूर हो गई। सुप्रीम कोर्ट ने मामले के तीन माह में निस्तारण के निर्देश दिए हैं।
पीयूष के खिलाफ पत्नी की हत्या और कूटरचित दस्तावेज से मोबाइल सिम खरीदने के मामले में धोखाधड़ी के दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज हैं। दोनों मुकदमों में पिछले माह हाईकोर्ट से पीयूष को जमानत मिल गई। हत्या के मुकदमे में पीयूष की ओर से तीसरी जमानत अर्जी दाखिल की गई थी। इसमें पीयूष के अधिवक्ता की ओर से तर्क रखा गया था कि पीयूष का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है।
वह लगभग छह साल से जेल में बंद है। उसकी बुजुर्ग मां कई बीमारियों से त्रस्त हैं। अभियोजन की ओर से जमानत का विरोध किया गया लेकिन कोर्ट ने माना कि हत्या के मुकदमे में अभियोजन की ओर से सभी गवाहों का परीक्षण हो चुका है। अब अभियुक्त के बयान होने हैं। ऐसे में साक्षियों को धमकाने या अभियुक्त के फरार होने की कोई संभावना नहीं है।