कानपुर। जेल जाने से पहले वसूली के आरोप में पकड़े गए दोनों डॉक्टरों की 14 दिन के लिए न्यायिक हिरासत पुलिस को मिल गई थी जबकि चालक की रिमांड खारिज हो गई थी। उसे उससे एक बंधपत्र भरवाकर छोड़ दिया गया है।
पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया कि आरोपियों ने चालक अजीत, सुजीत के अलावा एक मेडिकल स्टोर संचालक के खाते में भी वसूली के 50 हजार रुपये ऑनलाइन भेजे गए हैं। इन सभी बैंक खातों को भी जांच के दायरे में लाया जाएगा। वहीं चालक को राहत मिलने पर गुस्साए अभ्यर्थियों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। चालक अजीत को कोर्ट से जमानत मिलने के मामले में एसीपी कोतवाली अमित पांडे का कहना है कि लिखापढ़ी के मुताबिक अजीत मेडिकल परीक्षण वाले स्थान से कुछ दूरी पर कार में बैठकर अभ्यर्थियों से रुपये वसूल रहा था। अजीत मेडिकल हॉल में बैठने के लिए अधिकृत ही नहीं था। पुलिस के अनुसार पूरा पुलिस लाइन परिसर ही परीक्षा केंद्र दिखाया गया है। एसीपी के मुताबिक फिलहाल अजीत भी पुलिस की जांच का हिस्सा रहेगा और उससे रुपये बरामद कराए जाएंगे। (ब्यूरो)