कानपुर। चांदी का भाव बृहस्पतिवार को नया रिकाॅर्ड बनाते हुए प्रति किलो 2,86,000 रुपये हो गया। सोने का भाव प्रति 10 ग्राम 1,45,500 रुपये रहा। सोने के दाम मामूली गिरावट देखने को मिली। एक दिन पहले चांदी के भाव में प्रति किलो 18 हजार रुपये की तेजी आ गई थी। भावों की आसमान छूती कीमतों ने बाजार पर गहरा असर डालना शुरू कर दिया है। कभी महिलाओं के दम पर चलने वाला सराफा निवेशकों के भरोसे पर कुछ चल रहा है। गहनों की बिक्री 75 प्रतिशत घटी है। महिलाएं ही सबसे ज्यादा इनकी खरीद करती हैं। जबकि निवेशक ही ठोस बुलियन सोना-चांदी की खरीद कर रहे हैं। गहनों की बिक्री घटने से इनको बनाने कारीगरों पर संकट है। उन्हें काम मिलना बेहद सीमित हो गया है।
सामान्य दिनों में शहर में प्रतिदिन 35-50 किलो सोना बिकता था। अब महज पांच से 10 किलो की ही बिक्री हो रही है। दो हजार किलो तक बिकने वाली चांदी की बिक्री में 50 प्रतिशत तक की गिरावट है। 15 दिन में ही चांदी के भाव प्रति किलो 50,000 रुपये और सोने के 8400 रुपये प्रति 10 ग्राम बढ़े हैं।
उप्र सराफा एसोसिएशन के मंत्री रामकिशोर मिश्रा ने बताया कि भाव उच्च स्तर पर होने से बाजार में सन्नाटा है। निवेशक ही इसमें निवेश कर रहे हैं। सहालग शुरू होने से ही बाजार अच्छा चलने की संभावना है। तेज भावों के चलते गहने बनाने वाले कारीगराें और छोटे रिटेलरों की समस्या बढ़ गई है। उनके पास काम नहीं है। कई बड़े-बड़े शोरूमों में नियमित बोहनी भी नहीं हो रही है। देर शाम तक ग्राहकों का इंतजार करना पड़ रहा है।
ऑल इंडिया ज्वैलर्स एंड गोल्ड स्मिथ फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज अरोड़ा ने बताया कि सराफा बाजार महिलाओं के भरोसा ही सबसे ज्यादा चलता है। महिलाएं ही सबसे ज्यादा गहनों की खरीदारी करती हैं। भाव इतने तेज हो गए हैं कि गहनों की बिक्री 75 प्रतिशत तक घट गई है। केवल 25 प्रतिशत ही गहनों का कारोबार मिल रहा है। गहनों की बिक्री से ही सराफा को सबसे ज्यादा लाभ भी मिलता है। ठोस सोना-चांदी भाव के भाव बिकती है।
सोना और चांदी के भाव
तारीख चांदी सोना
6 जनवरी 2,50,300 1,41,100
7 जनवरी 2,54,500 1,40,800
8 जनवरी 2,43,600 1,39,800
9 जनवरी 2,49,800 1,41,200
10 जनवरी 2,54,500 1,42,500
12 जनवरी 2,63,800 1,44,000
13 जनवरी 2,67,800 1,44,100
14 जनवरी 2,85,000 1,45,700
15 जनवरी 2,86,000 1,45,500
नोट: सोने के भाव प्रति 10 ग्राम और चांदी का भाव प्रति किलो में (उप्र सराफा एसोसिएशन के अनुसार)। 11 जनवरी को बाजार बंद था।