आर्यन गुप्ता ने हासिल की 85 वीं रैंक, बधाइयों का तांता
जालौन जिले में कोंच के होनहार छात्र आर्यन गुप्ता ने जेईई एडवांस की परीक्षा में जिले का नाम रोशन किया है। कस्बे के प्रतापनगर निवासी कपड़ा व्यवसायी रामप्रकाश गुप्ता के पौत्र और अरविंद व अल्पना के होनहार बेटे आर्यन ने सीआरएल पीडब्ल्यूडी में 85वीं रैंक हासिल की है।
प्राथमिक शिक्षा कोंच से प्राप्त करने के बाद आर्यन ने नवोदय विद्यालय उरई से हाईस्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षाएं उत्तीर्ण कीं। कानपुर में जेईई की तैयारी की। आर्यन की इस सफलता पर कस्बे के लोगों में भी खुशी है। पिता व बाबा को बधाइयां देने वालों का तांता लगा है।
आर्यन सफलता का श्रेय अपने माता-पिता व परिजनों के अलावा अपने गुरुजनों को देते हैं। आर्यन का कहना है कि रोजाना सात से आठ घंटे की पढ़ाई और शिक्षकों के सटीक मार्ग दर्शन से सफलता हासिल हुई है। आर्यन इस वक्त कानपुर में हैं। आर्यन का जुड़वा भाई आयुष इस वक्त इलाहाबाद से बीएससी की तैयारी कर रहा है।
मानव ने पॉलिटेकिभनक के बाद आईआईटी एडवांस में भी पाई सफलता
जालौन जिले की आफीसर्स कॉलोनी निवासी आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. कमलेश बाबू के बेटे मानव सिंह ने परिवार को दोहरी खुशी दी है। पिछले सोमवार को मानव ने पॉलिटेकिभनक संयुक्त प्रवेश परीक्षा में प्रदेश की वरीयता सूची में प्रदेश में तीसरा स्थान हासिल किया था।
इस सोमवार को जेईई एडवांस में एससी कैटेगरी में 995 वीं रैंक हासिल की। मानव ने बताया कि पिता आयुर्वेदिक अस्पताल में डाक्टर हैं। मां अधिवक्ता हैं। मानव ने इसी साल बीकेडी एल्ड्रिच पब्लिक स्कूल से सीबीएसई बोर्ड से 95 फीसदी अंकों के साथ इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की थी।
जेईई मेंस की परीक्षा 98 फीसदी अंकों से पास की। मानव का कहना है कि वह आईआईटी करने के बाद प्रशासनिक सेवा में जाना चाहते हैं। बताया कि कोचिंग के बजाय घर पर मेहनत से पढ़ाई की। माता और पिता ने पूरी मदद की। मानव ने बताया कि वह आईआईटी करने के बाद आईएएस की तैयारी करेंगे।
कोटा में रहकर दिव्यांश ने की पढ़ाई
हमीरपुर के रमेड़ी मोहल्ला निवासी शिक्षक के बेटे दिव्यांश निगम ने जेईई एडवांस (आईआईटी) परीक्षा में 3591 ऑल इंडिया रैंक प्राप्त किया है। रमेड़ी निवासी शिक्षक अवधेश निगम इस्लामिया इंटर कालेज में विज्ञान के अध्यापक हैं।
शिक्षक की पत्नी तरंग भी कुरारा ब्लाक के एक सरकारी जूनियर हाईस्कूल में प्रधानाचार्य हैं। दिव्यांश निगम ने कक्षा आठ महर्षि विद्या मंदिर, हाईस्कूल पूर्णचंद्र विद्या निकेतन कानपुर, इंटर कैटिल्ल स्कूल कोटा में पढ़ाई की है। दिव्यांश ने कहा कि वह अभी कोटा में रहकर तैयारी कर रहा था। दिव्यांश ने अपनी सफलता का श्रेय शिक्षक व माता पिता को दिया है।
शिक्षक के बेटे हर्ष प्रताप सिंह को जेईई एडवांस में मिली 2780 वीं रैंक
कन्नौज जिले में हसेरन ब्लॉक के फूलपुर गांव निवासी शिक्षक के बेटे हर्ष प्रताप ने जेईई एडवांस में 2780 रैंक हासिल की है। नाना बलवीर सिंह, बीईओ ओर शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने हर्ष व उनके पिता को मिठाई खिलाकर बधाई दी।
हर्ष प्रताप सिंह के पिता धर्मेंद्र सिंह बैस पूर्व माध्यमिक विद्यालय विशमां मुडिया में सहायक अध्यापक हैं। वह एबीआरसी भी रह चुके हैं। पिता ने बताया कि हर्ष ने आठवीं तक की पढ़ाई सिटी चिल्ड्रंस अकादमी में की। दसवीं और बारहवीं आगरा के होली पब्लिक स्कूल से पास किया।
हाईस्कूल में उसने 95 प्रतिशत और इंटरमीडिएट में 93 प्रतिशत अंक हासिल किए थे। जेईई मेंस की परीक्षा में 2681 वीं रैंक हासिल की। हर्ष ने सफलता का श्रेय माता अनीता व पिता धर्मेंद्र को दिया है। बड़ा भाई अभिनव प्रताप नोएडा में बीटेक तृतीय वर्ष की पढ़ाई कर रहा है।
बीईओ सुनील दुबे, प्राथमिक शिक्षक संघ अध्यक्ष अनूप मिश्रा, मंत्री सत्येंद्र सिंह यादव, एआरपी कुलदीप यादव, मीना सिंह, शैलेष मिश्रा, आशीष राजपूत, राजेश पाठक आदि ने मिठाई खिलाकर हर्ष को बधाई दी।
यू ट्यूब पर कुकिंग चैनल चलाती हैं मां
हर्ष प्रताप की मां अनीता सिंह गृह विज्ञान से एमएससी हैं। वह गृह कार्य के अलावा फूडीज हब सीबीआर के नाम से यू-ट्यूब पर कुकिंग चैनल चला रही हैं। चैनल पर उनके ग्यारह वीडियो अपलोड हैं। उनके चैनल के पांच लाख पैंसठ हजार सब्सक्राइबर हैं।
सुबह छह बजे घर से निकलते, रात 11 बजे लौटते
देखना है हौसला मेरा और नापना है मेरी उड़ान को, तो जाओ और ऊंचा कर दो आसमान को। ये पंक्तियां कानपुर देहात में रनिया के रहने वाले निखिल गुप्ता पर बिल्कुल सटीक बैठती हैं। आईआईटी से बीटेक का सपना संजोए निखिल बीते दो सालों से 24 में से 17 घंटे का समय सफर, स्कूल और कोचिंग को देते आए हैं। नतीजन जेईई एडवांस्ड में उन्होंने ऑल इंडिया 1170वीं रैंक हासिल की।
निखिल के पिता ओमप्रकाश गुप्ता की छोटी परचून की दुकान है और मां आशा गुप्ता गृहिणी हैं। निखिल कहते हैं कि वह रोज सुबह छह बजे घर छोड़ देते थे, पब्लिक ट्रांसपोर्ट की मदद से पनकी स्थित डॉ. वीरेंद्र स्वरूप एजूकेशन सेंटर स्कूल पहुंचते। स्कूल खत्म होने के बाद बड़ा चौराहा स्थित जेईई एक्सपर्ट की कोचिंग जाते।
रात नौ बजे कोचिंग खत्म होती और फिर दो घंटे का सफर तय करके 11 बजे घर पहुंचते। बताया कि माता-पिता ने आर्थिक संकट के बावजूद अपनी इच्छाओं को किनारे रख मेरी पढ़ाई में किसी तरह की कमी नहीं होने दी। चार साल और मेहनत कर लूं, फिर पिता की हर वो इच्छा पूरी करूंगा, जो उन्होंने मेरी पढ़ाई के लिए अधूरी छोड़ दी। वह आईआईटी कानपुर से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग से बीटेक करना चाहते हैं।