दादानगर पुल का निरीक्षण कर एडीएम सिटी अविनाश सिंह ने कई दिशा निर्देश दिए।
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कानपुर। गोविंदनगर और दादानगर पुल पर लगने वाले जाम पर ‘अमर उजाला’ ने अभियान छेड़ा तो प्रशासनिक अफसर जनता को इस समस्या से निजात दिलाने के लिए सड़क पर उतर आए। बुधवार दोपहर एडीएम सिटी अविनाश सिंह ने अफसरों के साथ दादानगर और गोविंदपुरी पुल का निरीक्षण किया। वहां जाम के कारण और उनके विकल्प तलाशे। दादानगर ओवरब्रिज पर फायर स्टेशन के पास पाइप लाइन डालने का काम एक मई तक पूरा करने, बीच में रखे अस्थायी बैरियर को हटाकर पक्का डिवाइडर बनाने समेत आठ ऐसे विकल्प तलाशे, जिससे जाम से राहत मिल सके। निरीक्षण के दौरान एसीएम योगेंद्र कुमार, पूजा अग्निहोत्री, उत्तर प्रदेश जल निगम के परियोजना प्रबंधक राकेश चौधरी, उप परियोजना प्रबंधक सेतु निगम संतराज, प्रभारी निरीक्षक गोविंद नगर एपी श्रीवास्तव मौजूद रहे।
पानी की बर्बादी देख भड़के एडीएम
गुलाबराज शराब ठेके के सामने एक व्यक्ति सबमर्सिबल से पाइप जोड़कर लोडर धुल रहा था। यह देख एडीएम सिटी ने गाड़ी रुकवाकर कहा कि पानी की इतनी दिक्कत है और तुम इस तरह पानी बर्बाद कर रहे हो। एडीएम के गाड़ी से उतरने के कारण फोर्स भी ठेके में घुस गया। इस पर वहां शराब पीने वाले इधर-उधर भागने लगे। सेल्समैन और अन्य लोगों ने माफी मांगते हुए आगे से पानी बर्बाद न करने की बात कही तो काफिला आगे बढ़ा।
दावे तो पहले भी किए गए
सीटीआई चौराहे से विजय नगर तक वन वे व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए डीएम ने आठ फरवरी को औद्योगिक क्षेत्रों के वाहनों को नहर किनारे की सड़क से निकालने की योजना बनाई थी। डीएम ने नगर निगम के अधिकारियों को पनकी से सीटीआई नहर पुल तक सड़क के चौड़ीकरण का प्रस्ताव तैयार करने को कहा था। औद्योगिक क्षेत्र के वाहनों को घूमकर विजय नगर नहीं जाना पड़ेगा। पर यह योजना भी कागजों पर है।