नौबस्ता के प्रताप होटल के पास भीषण जाम ने बाइक सवार की जान ले ली। जाम में फंसे गोपाल नगर निवासी बाइक सवार श्रीराम दीक्षित (50) को जैसे ही थोड़ा सा रास्ता मिला तो उन्होंने अपनी बाइक को दाईं ओर बने सब-वे की ओर मोड़ दिया, तभी वहां खड़े चालक ने ट्रक आगे बढ़ा दिया और श्रीराम को रौंद दिया।
इसके बाद भी ट्रक नहीं रुका और चालक गाड़ी लेकर भाग निकला। हादसे से अफरा-तफरी मच गई। जाम के कारण पुलिस भी देर से पहुंची। इस पर परिजनों और पब्लिक ने हंगामा भी किया।
परिजनों ने बताया कि श्रीराम ट्रक चालक था। किसी काम से किदवईनगर गया था और वहीं से घर लौट रहा था, तभी हादसा हो गया। घर पर सूचना पहुंचते ही पत्नी निर्मला बेटियां राशी, रानू और बेटे प्रमोद बदहवास हालत में मौके पर पहुंचे। थानाध्यक्ष राजदेव प्रजापति ने बताया कि हादसे की वजह जाम और जल्दबाजी थी।
श्रीराम हेलमेट लगाए थे लेकिन ट्रक का पहिया उनकी कमर से होकर निकल गया। पुलिस ने बताया कि हादसे के बाद भागता ट्रक जाम की वजह से ही रामादेवी के पास पकड़ लिया गया, लेकिन उसका चालक मौके से फरार हो गया।
फंसी एंबुलेंस, दम तोड़ा
लखनऊ। राजधानी में ट्रैफिक जाम की वजह से हादसे में घायल एक युवक गुरुवार को वक्त रहते ट्रॉमा सेंटर नहीं पहुंच पाया और उसकी मौत हो गई। चकेरी कानपुर निवासी क्षितिज तिवारी (21) गुरुवार तड़के ऊंचाहार के पास हादसे में जख्मी हो गया था। रायबरेली जिला अस्पताल से उसे ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया गया।
उसे एंबुलेंस से ट्रॉमा सेंटर लाया जा रहा था। दोपहर करीब एक बजे एंबुलेंस हजरतगंज पहुंची और वहां जाम में फंस गई। काफी देर बाद वहां से आगे बढ़ते ही हाईकोर्ट के पास वकीलों के प्रदर्शन से केडीसिंह बाबू स्टेडियम तक वाहनों की कतार लगी थी। एंबुलेंस वहां जाम में फंसकर सायरन बजाती रही लेकिन किसी ने नहीं सुना।
करीब आधे घंटे बाद चालक ने एंबुलेंस को हनुमान सेतु की ओर घुमाकर उसे डालीगंज पहुंचाया। वहां भी जाम था। पुलिस ने किसी तरह एंबुलेंस को निकलवाया। आगे बढ़ते ही पुल से लेकर छत्ता वाले पुल तक वाहनों की कतार लगी थी।
हजरतगंज से ट्रॉमा सेंटर तक पहुंचने में एंबुलेंस को डेढ़ घंटे लग गए। इस दौरान एंबुलेंस में मरीज ने दम तोड़ दिया। ट्रॉमा में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
रात तक फंसे रहे लोग
रामादेवी के पास हाइवे पर चल रही खुदाई के चलते नौबस्ता और यशोदानगर बाईपास चौराहों पर पूरे दिन भीषण जाम लगा रहा। कहीं भी कोई ट्रैफिक सिपाही, पुलिस और होमगार्ड नहीं थे। पुलिस से संपर्क किया गया तो पता लगा कि ज्यादातर सिपाही प्रधानी चुनाव की ड्यूटी पर गए हैं।
उधर, दादानगर और जूही पुल भी जाम की चपेट में रहे। गोविंदनगर पुल पर सड़क खुदाई के चलते आवागमन बाधित रहा। शाम दादानगर पुल पर वाहनों की लंबी कतार लगी रही। शाम करीब चार बजे से लगा जाम आठ बजे तक नहीं खुल पाया। सीटीआई से लेकर विजय नगर पर हजारों वाहन पर फंसे रहे।
कोढ़ में खाज बनी खुदाई
गोविंदपुरी पुल के समानांतपुर पुल बन रहा है। यहां ट्रैफिक गुरुवार से थोड़ा रोका गया। फजलगंज में जहां गोविंदपुरी पुल उतरता है वहां पेट्रोल पंप के सामने खुदाई चल रही है। ऐसे में दोहरी मुसीबत हो गई। एक तो पुल का काम दूसरा खुदाई।
अफसरों ने भी यह ध्यान नहीं रखा और फजलगंज की तरफ से आने वाले रूट को डायवर्ट कर दिया। शाम को फैक्ट्री से छूटे कर्मचारियों का लोड बढ़ने के कारण विजय नगर से दादानगर पुल, सीटीआई और गोविंदपुरी पुल पर जाम लग गया। ट्रैफिक इंस्पेक्टर दिनेश कुमार सिंह फोर्स लेकर पहुंचे लेकिन लाचार दिखे।