कानपुर देहात। यमुना नदी में कानपुर देहात सीमा में खरका घाट और दूसरी तरफ जालौन की सीमा में दैलखंड घाट को पीपा पुल से जोड़ने की तैयारी है। शासन से करीब दो करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। इससे दोनों ओर के करीब 25 से अधिक गांवों की आबादी की आवाजाही सुगम होगी। कारोबारी गतिविधि भी बढ़ेगी।
यमुना नदी में खोजारामपुर के पास पुल बना है। इससे वाहन सवार कानपुर देहात व जालौन जिलों के अलावा अन्य जगह से आए वाहन सवार निकलते हैं। इधर राजपुर के खरका घाट के आसपास के गांवों के लोगों को नदी के दूसरी ओर जालौन के दैलखंड आदि जगह जाने के लिए खोजारामपुर पुल से होकर आवाजाही करने में करीब 40 किमी का चक्कर लगाना पड़ता है। कानपुर देहात व जालौन की ओर करीब 25 से अधिक गांव हैं जिनकी एक दूसरी ओर आवाजाही नाव पर निर्भर है। वहीं बारिश में यमुना जलस्तर बढ़ने पर नाव से आवाजाही पूरी तरह से बंद हो जाती है।
इस पर लोगाें को चक्कर लगाकर ही जाना पड़ता है। इसको लेकर खरका घाट से दूसरी तरफ दैलखंड घाट को जोड़ने के लिए पीपा पुल बनाने की रूपरेखा तय कर प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। इसकी मंजूरी मिल गई है। पीपा पुल बनने से दोनों ओर के घाटों पर आवाजाही के लिए सुगम हो जाएगी। जानकारों का कहना है कि कथरी में नवरात्र पर नौ दिन का मेला लगता है। जालौन की ओर से दैलखंड, पाल सरैनी, सिमारा, चुर्खी, जरारा व सिरसा कलार आदि जगह से श्रद्धालु आते हैं। नाव से आवाजाही में परेशानी होती है। पीपा पुल बनने से सहूलियत होगी।
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वर्जन........
यमुना नदी पर खरका घाट व दूसरी ओर दैलखंड को जोड़ने के लिए करीब दो करोड़ से पीपा पुल बनाया जाना है। ठेकेदार चयन की प्रक्रिया की जा रही है। बारिश से पहले ही पीपा पुल बनाने का काम शुरू होने की उम्मीद है। - हेमंत कुमार सिंह, एक्सईएन लोक निर्माण विभाग
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इन गांवों के लोगों को होगी सहूलियत
कानपुर देहात के किशुनपुर, खरका, खरतला, जरी, डडी, रमपुरा, ट्योगा, क्योटरा आदि व जालौन के दैलखंड, पाल सरैनी, सिमारा, चुर्खी, जरारा व सिरसा कलार समेत करीब 25 से अधिक गांवों की करीब तीन लाख से अधिक आबादी को आवाजाही में सहूलियत होगी।