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रूह कंपाने वाला मंजर: 'पापा उठो, मम्मी गोद लो', मां-बाप के शवों के बीच रोती रही काव्या, दृश्य देख फफक पड़े लोग

Wed, 06 May 2026 04:33 PM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालौन

सार

Jalaun News: जालौन में प्रेम विवाह करने वाले विवेक और साधना के शव मिलने से कोहराम मच गया, वहीं उनकी छह माह की बेटी घंटों शवों के बीच रोती रही। मायके से नाता टूटने के बाद साधना ससुराल में ही रह रही थी; पुलिस अब मौत के कारणों की गुत्थी सुलझाने में जुटी है।
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विवेक और साधना की फाइल फोटो, साथ में बेटी काव्या - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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जालौन जिले में ग्राम बिरिया खुर्द निवासी विवेक कुमार (22) की साधना से मुलाकात बहुत ही साधारण थी, जो धीरे-धीरे प्रेम कहानी में बदल गई। पेशे से मजदूर विवेक शादी से पहले बुकिंग की गाड़ी चलाता था और इसी काम के दौरान उसकी जिंदगी में साधना आई।

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बताया जाता है कि एक दिन वह गाड़ी की बुकिंग लेकर गोहन गांव गया था। वहीं उसकी मुलाकात साधना से हुई। पहली मुलाकात के बाद दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई, जो समय के साथ गहराती चली गई। धीरे-धीरे यह बातचीत प्यार में बदल गई और दोनों ने सामाजिक बंधनों को दरकिनार करते हुए साथ जीने का फैसला कर लिया।

सीमित संसाधनों में परिवार संभालने की कोशिश की
इसके बाद करीब दो साल पहले दोनों ने प्रेम विवाह कर लिया और नई जिंदगी की शुरुआत की। परिजनों के अनुसार, दोनों ने सीमित संसाधनों में अपने छोटे से परिवार को संभालने की कोशिश की और अपनी छह माह की बेटी के साथ जीवन को आगे बढ़ा रहे थे।

मासूम की बिलखती पुकार ने सबको रुलाया
करीब दो घंटे तक मासूम काव्या अपने माता-पिता के शवों के बीच बिलखती रही। उसे समझ नहीं आ रहा था कि उसके मां-बाप उससे बात क्यों नहीं कर रहे, उसे गोद में क्यों नहीं उठा रहे। वह कभी मां की ओर हाथ बढ़ाती तो कभी पिता के पास जाने की कोशिश करती, लेकिन दोनों ही खामोश थे। आखिरकार वह उनके पैरों से लिपटकर रोने लगती। यह दृश्य देख वहां मौजूद लोग खुद को रोक नहीं सके और कई लोगों की आंखों से आंसू छलक पड़े।

मजदूरी कर चलता था परिवार
विवेक के पिता रामप्रसाद मजदूरी करते हैं। उनके तीन बेटों में विवेक, सूरज और चंद्रपाल शामिल हैं। बड़ा बेटा सूरज और छोटा बेटा चंद्रपाल भी मजदूरी में पिता का हाथ बंटाते हैं। इसी मेहनत से पूरे परिवार का भरण-पोषण होता था।

प्रेम विवाह के बाद मायके से टूटा नाता
बताया जा रहा है कि साधना ने दूसरी जाति के युवक से प्रेम विवाह किया था। इसके बाद उसके मायके पक्ष के लोगों ने उससे दूरी बना ली थी। न तो उनका आना-जाना था और न ही बातचीत होती थी, जिससे वह अपने ससुराल में ही सीमित रह गई थी।

शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद मौत की वजह पता चलेगी, जांच पड़ताल की जा रही है।  -शैलेंद्र बाजपेई, सीओ जालौन

ये था पूरा मामला
जालौन कोतवाली क्षेत्र के ग्राम बिरिया खुर्द में सोमवार शाम पति-पत्नी ने छह माह की मासूम बेटी के सामने फंदा लगाकर जान दे दी। दोनों ने प्रेम विवाह किया था। लोगों का कहना है कि पत्नी पति से दूसरे शहर जाकर काम करने की बात कहती थी, जिस पर अक्सर विवाद होता था। मंगलवार को एक ही घर से दो अर्थियां उठीं तो हर आंख नम हो गई और गांव में सन्नाटा पसर गया।

तीन साल पहले किया था प्रेम विवाह
ग्राम निवासी मजदूर विवेक कुमार (23) ने करीब तीन वर्ष पहले गोहन निवासी साधना से प्रेम विवाह किया था। शादी के बाद दोनों ने नई जिंदगी की शुरुआत की थी। मजदूरी कर गुजर-बसर करने वाला यह दंपती अपनी छह माह की मासूम बेटी काव्या के साथ सादा, लेकिन खुशहाल जीवन जीने की कोशिश कर रहा था। ग्रामीणों के अनुसार दोनों के बीच सामान्य दांपत्य जीवन था, लेकिन पति के बाहर जाकर काम करने को लेकर अक्सर विवाद होता था।

दोनों के बीच मनमुटाव बना रहता था
बताया जाता है कि साधना विवेक से बड़े शहर जाकर काम करने के लिए कहती थी, जबकि विवेक गांव में ही रहना चाहता था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच मनमुटाव बना रहता था। सोमवार की शाम विवेक के पिता रामप्रसाद और भाई सूरज व चंद्रपाल मजदूरी पर गए थे, जबकि मां गांव में एक निमंत्रण में गई थीं। इसी दौरान किसी कारणवश विवाद ने गंभीर रूप ले लिया और दंपती ने यह खौफनाक कदम उठा लिया।

कमरे में फंदे से लटके थे शव 
रात करीब आठ बजे टिनशेड के कमरे में विवेक ने पत्नी के स्टॉल और साधना ने अपनी साड़ी से बांस-बल्ली के सहारे फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। इसी बीच छह माह की मासूम काव्या घर के अंदर अपने माता-पिता के शवों के पास भूखी-प्यासी बिलखती रही। मासूम बच्ची के लगातार रोने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। कमरे में पति-पत्नी के शव लटके थे और नीचे उनकी बच्ची रो रही थी। 
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आत्महत्या के कारण स्पष्ट नहीं
ग्रामीणों ने तत्काल प्रधान संजय तोमर और परिजनों को सूचना दी। सूचना मिलते ही एएसपी डॉ. ईसान सोनी, क्षेत्राधिकारी शैलेंद्र बाजपेई और कोतवाल हरिशंकर चंद पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने दोनों शवों को नीचे उतरवाकर पंचनामा भरते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, लेकिन आत्महत्या के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल सका।
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