गुल्लक फोड़कर रुपये निकाल लिए
हालांकि, पारिवारिक विवाद के बीच उसकी वही मिट्टी की गुल्लक भी खाली हो गई। महिला ने आरोप लगाया कि घरेलू सामान के साथ बच्ची की गुल्लक फोड़कर उससे भी रुपये निकाल लिए गए। जनता दर्शन में जिलाधिकारी ने जब बच्ची से पूछा कि वह गुल्लक में क्या रखती थी, तो इस्वा ने मासूमियत से बताया कि वह रोज थोड़ा-थोड़ा पैसा बचाती थी।
थाना जाजमऊ प्रभारी को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश
बच्ची की यह बात सुनकर कुछ देर के लिए वहां मौजूद लोगों की नजरें भी उसी पर टिक गईं। छोटी बहन मरियम फातिमा भी मां के पास चुपचाप खड़ी रही। दोनों बच्चियों के चेहरे पर उदासी साफ दिखाई दे रही थी। महिला ने प्रार्थना पत्र देकर बताया कि मामले की शिकायत पहले भी थाने में की गई थी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इस पर जिलाधिकारी ने थाना जाजमऊ प्रभारी को मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
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नया मिट्टी का गुल्लक और स्कूल बैग भेंट किए
लेकिन जनता दर्शन का सबसे भावुक पल उसके बाद आया। जिलाधिकारी ने दोनों बच्चियों को अपने पास बुलाया। कुछ देर उनसे बातचीत की और फिर उन्हें नया मिट्टी का गुल्लक और स्कूल बैग भेंट किए। इतना ही नहीं, उन्होंने बच्चियों के हाथों से नए गुल्लक में स्वयं 1000 रुपये भी डलवाए। जैसे ही बच्चियों के हाथ में नया गुल्लक और बैग आया, उनके चेहरे खिल उठे। कुछ देर पहले तक सहमी दिख रही इस्वा अब मुस्कुरा रही थी। डीएम ने बच्चियों को पैसे बचाने की सलाह भी दी।