कोर्ट ने चार अप्रैल की तारीख नियत कर दी
22 मार्च की तारीख फैसले के लिए नियत की गई थी। बहस सुनने के बाद 14 दिन में फैसला न सुना पाने के कारण फाइल दोबारा बहस पर चली गई थी और 22 मार्च को कोर्ट ने दोनों पक्षों की दोबारा संक्षिप्त बहस सुनकर फैसले के लिए 28 मार्च की तारीख नियत की थी। डीजीसी दिलीप अवस्थी ने बताया कि गुरुवार को अदालत ने आदेश पूरा न लिखे जा पाने के कारण फैसले के लिए अब चार अप्रैल की तारीख नियत कर दी है।