26 अगस्त 2002 की शाम जनसम्पर्क के दौरान बर्रा विश्व बैंक स्थित गुंजन स्वीट हाउस के पास दोनों गुट आमने-सामने आ गए थे। इसमें कहासुनी के बाद फायरिंग हो गई थी। जिसमें एक छात्र नेता प्रदीप यादव की मौत हो गई थी जबकि दूसरे पंकज द्विवेदी जख्मी हो गए थे।
सत्यप्रकाश के पास से बरामद हुई थी लाइसेंसी बंदूक
प्रदीप के भाई संदीप सिंह यादव ने बर्रा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। एडीजीसी प्रदीप कुमार साहू ने बताया कि जंग बहादुर सिंह, उनके बेटे संजीव व संदीप तथा सत्यप्रकाश के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट भेजी गई थी। सत्यप्रकाश के पास से लाइसेंसी बंदूक बरामद हुई थी।
सजा के खिलाफ हाईकोर्ट में करेंगे अपील
सबूतों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने कानपुर देहात के मूसानगर निवासी सत्यप्रकाश द्विवेदी को हत्या का दोषी मानकर सजा सुनाई जबकि जंगबहादुर सिंह, संदीप व संजीव बरी हो चुके हैं। एडीजीसी प्रदीप साहू का कहना है कि आदेश को देखने के बाद बरी हुए आरोपियों के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की जाएगी। वहीं सत्यप्रकाश के अधिवक्ता सौरभ भदौरिया का कहना है कि सजा के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करेंगे।