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जेल के अंदर गैंगवार, शार्प शूटर समेत तीन की मौत

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चित्रकूट। जिला जेल रगौली में शुक्रवार की सुबह दस बजे पूर्वांचल का बाहुबली विधायक और गैंगस्टर मुख्तार अंसारी का शार्प शूटर अंशू दीक्षित ने हाई सिक्योरिटी बैरक में बंद वाराणसी के कुख्यात अपराधी मेराजुद्दीन उर्फ मेराज अली और सुल्तानपुर के अपराधी मुकीम काला को गोलियों से भून दिया। इसके बाद पिस्टल के बल अन्य बंदियों को काबू में कर भागने की कोशिश की। इस बीच जेल के अंदर दो की हत्या और गोलीबारी की सूचना पर पहुंची जिला पुलिस ने जब शार्प शूटर को आत्मसमर्पण के लिए ललकारा तो उसने पुलिस पर भी गोलियां चला दीं। बाद में पुलिस की जवाबी गोलीबारी में अंशू भी मारा गया। सीएम योगी आदित्यनाथ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए डीजी जेल आनंद कुमार से रिपोर्ट तलब की है।
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जेल के अंदर दो की हत्या और तीसरे की मुठभेड़ में मौत की सूचना पर चित्रकूटधाम मंडल के कमिश्नर दिनेश कुमार सिंह, पुलिस महानिरीक्षक के. सत्यनारायणा, जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल, डीआईजी कारागार प्रयागराज पीएन पांडेय और पुलिस अधीक्षक अंकित मित्तल भारी पुलिस फोर्स संग पहुंचे और जेल अधीक्षक श्रीप्रकाश त्रिपाठी से जानकारी ली। कमिश्नर और पुलिस महानिरीक्षक ने मामले की जांच के लिए उच्च स्तरीय जांच कमेटी गठित की है। सुबह जेल में परेड के बाद जैसे ही सभी बंदी अपने-अपने बैरक में जाने लगे तभी वाराणसी के कुख्यात अपराधी मेराजुद्दीन उर्फ मेराज अली के साथ बैरक में बंद सीतापुर निवासी और मुख्तार का शार्प शूटर अंशू दीक्षित ने कमर से पिस्टल निकाली और मेराज पर दो फायर झोंक दिए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस बीच अंशू बैरक की तरफ बढ़ा और वहां मौैजूद सुल्तानपुर के कुख्यात अपराधी मुकीम काला पर फायर झोंक दिया, जिससे उसकी भी मौत हो गई।
गोलियां चलने से जेल में हड़कंप मच गया और बंदी दुबक गए। इस बीच बंदी रक्षकों संग मौके पर पहुंचे जेल अधीक्षक श्रीप्रकाश त्रिपाठी पर भी अंशू दीक्षित ने पिस्टल तान दी। इस दौरान अंशू ने पिस्टल के बल पर चार से ज्यादा बंदियों को काबू में कर अपने आगे खड़ा कर बंदियों को मारने की धमकी देकर खुद को बाहर निकालने को कहा। इस बीच सूचना पर डीएम और एसपी भी भारी पुलिस फोर्स संग जेल के अंदर पहुंचे। जिला पुलिस ने अंशू को चारों ओर से घेर लिया और उसको आत्मसमर्पण के लिए ललकारा, लेकिन अंशू ने अपनी पोजीशन बदलते हुए पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। इस बीच अंशू के शिकंजे में रहे बंदी भी भागकर बैरक में चले गए। अब एक तरफ अंशू और दूसरी तरफ पुलिस फोर्स थी, लेकिन शार्प शूटर ने जैसे ही फिर फायर झोंका तो पुलिस ने जवाबी कार्रवाई कर उसको मौके पर ही ढेर कर दिया।
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पुलिस और शार्प शूटर के बीच फायरिंग के बीच ही मंडलायुक्त दिनेश कुमार सिंह और आईजी के. सत्यनारायणा भी जेल पहुंचे। करीब डेढ़ घंटे तक चले घटनाक्रम के बाद पुलिस ने तीनों के परिजनों को सूचना देकर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। डीआईजी कारागार प्रयागराज पीएन पांडेय भी जेल पहुंचे और घटना की उच्च स्तरीय जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई कराने की बात कही है।
जेल के अंदर पिस्टल आने की जांच कराई जा रही है। तीनों ही शातिर अपराधी थे। इनके खिलाफ प्रदेश के कई जिलों के थानों में हत्या, रंगदारी और मारपीट के मामले दर्ज हैं। जेल के अंदर ऐसी घटना का होना चिंता का विषय है। जेल अधीक्षक समेत बंदी रक्षकों से मामले को लेकर पूछताछ की जा रही है।
-अंकित मित्तल, पुलिस अधीक्षक, चित्रकूट
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कौन हैं ये तीनों
सीतापुर निवासी अंशू दीक्षित पूर्वांचल के माफिया मुख्तार अंसारी का खास शार्प शूटर था। 27 अक्तूबर 2013 को इसने एमपी और यूपी एसटीएफ पर भी गोलियां चलाई थीं। दिसंबर 2014 में इसे पकड़ा गया था। चित्रकूट जेल में दो साल से बंद था। मेराजुद्दीन उर्फ मेराज अली वाराणसी का रहने वाला था। पहले मुन्ना बजरंगी का खास था फिर मुख्तार अंसारी से जुड़ा। इसकी पहले अंशु दीक्षित से दोस्ती थी, लेकिन दो साल से तनातनी चल रही थी। मुकीम काला सुल्तानपुर का निवासी था। पश्चिमी यूपी के दुर्दांत अपराधी व एसटीएफ के हाथों में मुठभेड़ में मारे जा चुके वसीम काला का भाई था। पंजाब और हरियाणा तक इसका गैंग वारदातें करता था। सहारनपुर में वर्ष 2015 में तनिष्क ज्वैलरी शोरूम में डकैती कांड को अंजाम दिया था। इस पर दर्जनों लूट, हत्या और पुलिस मुठभेड़ के मुकदमे दर्ज हैं।
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फोटो परिचय-1-अंशू दीक्षित। फाइल फोटो
2- मुकीम काला। फाइल फोटो
3-मेराजुददीन उर्फ मेराज अली। फाइल फोटो
4-चित्रकूट जिला जेल परिसर में गैंगवार की सूचना पर पहुंची पुलिस टीम।
5- चित्रकूट जेल का बंद गेट और मौजूद पुलिस, खडे़ वाहन।
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