लोकसभा और विधानसभा चुनाव में नामांकन दाखिल होने के साथ ही खर्च के लिए प्रत्याशी को अलग अकाउंट खोलना होता है। इसी अकाउंट के जरिए लेन देन किया जाता है। चुनाव प्रक्रिया के दौरान दो बार और परिणाम घोषित होने के एक माह के अंदर अंतिम खर्च का ब्योरा संबंधित प्रत्याशी को शपथ पत्र के साथ देना होता है। वर्ष 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में प्रत्याशियों के लिए चुनावी खर्च की अधिकतम सीमा 70 लाख रुपये थी।
कार्यकर्ताओं के चाय-पानी पर खर्च कर दिए थे 22 हजार
इस चुनाव में हरदोई लोकसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी रहे और फिर सांसद चुने गए जय प्रकाश ने 46 लाख 81 हजार 464 रुपये खर्च किए थे। निर्वाचन आयोग को गत चुनाव के खर्च को लेकर दिए गए हलफनामे के मुताबिक उन्होंने 22 हजार रुपये कार्यकर्ताओं के चाय-पानी पर खर्च कर दिए थे। 30 हजार रुपये के झंडे, 32 हजार रुपये के स्टीकर और महज 2400 रुपये के फ्लैक्स लगवाकर वह दिल्ली पहुंचने में कामयाब रहे थे।
1581 वाहनों का किया था इस्तेमाल, 15 हजार लीटर लगा था डीजल
हलफनामे के मुताबिक जयप्रकाश ने पूरे चुनाव के दौरान अलग अलग दिनों में प्रचार वाहनों का इस्तेमाल कभी कम तो कभी ज्यादा किया। पूरे चुनाव प्रचार के दौरान (नामांकन दाखिल होने से मतदान तक) उन्होंने 1581 वाहनों का इस्तेमाल चुनाव प्रचार में किया। इन वाहनों के किराए के रूप में 20,59,330 रुपये खर्च किए। इन वाहनों में 15,235 लीटर ईंधन (डीजल-पेट्रोल) भी इस्तेमाल हुआ। इस पर 10,44,935 रुपये जय प्रकाश ने खर्च किए थे।