अंतरराष्ट्रीय कृष्ण भावनामृत संघ (इस्कॉन) करोवन स्थित गोशाला में भव्य जगन्नाथ मंदिर बनाएगा। पास के सात गांवों को गोद लेकर गो आधारित खेती को बढ़ावा देगा। किसानों को आर्थिक रूप से संपन्न कराने के लिए उन्हें उन्नत नस्ल की गायों के जरिये पशुपालन करने को प्रेरित करेगा।
सिकंदरपुर सरोसी विकासखंड के करोवन गांव में 15 एकड़ भूमि पर 2.60 करोड़ की लागत से इस्कॉन ने भक्तिवेदांत वैभव गोशाला का निर्माण कराया है। गोशाला में पांच सैकड़ा गायों के रखने की व्यवस्था है। वर्तमान में यहां पर उन्नत किस्म की 125 गाय हैं।
इस्कान संस्था ने गोशाला में भव्य जगन्नाथ मंदिर निर्माण की तैयारी शुरू की है। संस्था ने गो-आधारित खेती के लिए गोशाला के नजदीक के सात गांवों को गोद लेने की भी इच्छा जताई है। पूर्व में इसकी जानकारी जिला प्रशासन को देकर संस्था के पदाधिकारियों ने पहुंच मार्ग को दुरुस्त और साफ-सफाई कराने की मांग की थी।
मंगलवार को सीडीओ डॉ. राजेश कुमार प्रजापति व सिटी मजिस्ट्रेट चंदन कुमार पटेल समेत अन्य अधिकारी गोशाला पहुंचे। यहां पर उन्होंने इस्कान के पदाधिकारियों व ग्रामीणों से बातचीत की। सीडीओ ने मगरवारा-करोवन मार्ग को दुरुस्त कराने की जिम्मेदारी जिला पंचायत को सौंपी।
मौके पर मौजूद अपर मुख्य अधिकारी वीके सिंह को निर्देश दिए है कि जल्द से जल्द इस मार्ग का निर्माण कराएं। जिला पंचायतराज अधिकारी राजेंद्र प्रसाद यादव से कहा कि इस्कान द्वारा गांव गोद लिए जाने वाले गांवों में विशेष तौर पर साफ-सफाई कराई जाए।
पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
इस्कॉन संस्था द्वारा यहां पर जगन्नाथ मंदिर का निर्माण कराया जाना है। मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण, उनके बड़े भाई बलराम और बहन सुभद्रा की मूर्तियां स्थापित की जाएंगी। जगन्नाथ मंदिर का निर्माण होने के बाद क्षेत्र पर्यटनस्थल के रूप में प्रसिद्ध होगा। रोजगार के नये अवसर बढ़ेंगे। इस्कॉन द्वारा गोद लिए जाने वाले गांवों में गो आधारित व फूलों की खेती भी कराई जाएगी।
यह मांगें रखी गईं
सुरक्षा के लिए चौकी खोली जाए। भवन संस्था द्वारा बनवाकर दिया जाएगा। गांवों के स्कूलों को भी दुरुस्त कराकर रंग-रोगन कराया जाए। तालाबों को सही कराकर किनारे पौधरोपण कराया जाए। गांवों के सभी मार्गों की भी मरम्मत कराई जाए
यह गांव गोद लेंगे
ख्वाजगीपुर, सलेमपुर, चौरा, खटई, बेहटा, चिलौला व सरोसी।
मंदिर निर्माण के बाद क्षेत्र में पर्यटन की संभावनाओं को बल मिलेगा। गोशाला पहुंचने वाले मुख्य मार्ग मगरवारा को दुरुस्त कराया जाएगा। तालाब किनारे पौधरोपण होगा। संस्था सात गांवों को गोद लेकर गो आधारित और फूलों की खेती कराएगी। -चंदन कुमार पटेल, सिटी मजिस्ट्रेट