कानपुर। 26 अगस्त को होने वाले बार एसोसिएशन के चुनाव में इस बार ज्यादा सख्ती रहेगी। वोटिंग के दिन प्रत्याशी सड़क पर तंबू नहीं लगा सकेंगे। प्रत्याशियों को घोषणा पत्र के साथ दस रुपये के स्टांप पर हलफनामा भी देना होगा। इसमें लिखा होगा कि आचार संहिता और निर्वाचक मंडल के दिशा-निर्देशों का पालन न करने पर नामांकन पत्र दाखिल करने से वंचित किया जा सकता है। बार एसोसिएशन की सदस्यता समाप्त कर कार्यवाही के लिए बार कौंसिल उत्तर प्रदेश को लिखा जा सकता है। 26 को वोटिंग से तीन दिन पहले वोटर को दफ्तर से नो ड्यूज रसीद दी जाने लगेगी। बार कौंसिल की आईडी या प्रमाणपत्र दिखाने के साथ-साथ नो ड्यूज रसीद को दिखाने पर ही वोट डालने के लिए प्रवेश मिलेगा।
बार एसोसिएशन सभागार में पत्रकारों से बातचीत में निर्वाचक अधिकारी कैलाश शुक्ला और अम्बरीश मिश्रा ने बताया कि किसी भी दावेदार ने अगर नामांकन में जुलूस निकाला तो उसका पर्चा मंजूर नहीं किया जाएगा। वोटिंग वाले दिन चुनाव स्थल डीसी लाॅ कालेज में बैरिकेडिंग लगाई जाएगी। इसके आगे का स्थान नो प्रत्याशी जोन घोषित होगा। इसमें सिर्फ वोटर ही प्रवेश पा सकेंगे। यहीं पर एक बड़ी एलईडी लगाई जाएगी। इसमें वोटर के बैलेट पेपर लेने तक का प्रसारण दिखेगा। अगर किसी प्रत्याशी को कोई आपत्ति होगी तो वह एआरओ से बताएगा। एआरओ उसे अंदर ले जाकर समस्या का समाधान कराएगा। प्रेस वार्ता में अश्वनी आनंद, मनोज मिश्रा, रामचंद्र कनौजिया, विजय अरोड़ा, कृष्ण कुमार पुरी और अनिल त्रिपाठी मौजूद रहे।
aबैलेट पेपर से ही होगा चुनाव
बार एसोसिएशन ने इस बार ईवीएम की तरह एटीएम की तर्ज पर तैयार सॉफ्टवेयर से वोटिंग कराने की तैयारी की थी। इसमें करीब आठ लाख का खर्च आने के कारण यह फैसला रद्द करते हुए बैलेट पेपर से ही वोटिंग कराई जाएगी। इसके अलावा साॅफ्टवेयर में 16 प्रत्याशियों के नाम की ही गुंजाइश थी। ज्यादा प्रत्याशी होने पर अलग से टैबलेट खरीदने होते। इस लिए बैलेट से ही वोटिंग का फैसला लिया गया।
बार एसोसिएशन चुनाव में स्टांप पेपर पर देना होगा घोषणा पत्र
a कचहरी में बैनर और पोस्टर लगाने पर नहीं भर सकेंगे पर्चा
a आईडी या प्रमाणपत्र के साथ नो ड्यूज रसीद दिखाना अनिवार्य
a देना होगा हलफनामा
प्रचार के लिए बैनर, पोस्टर, विज्ञापन का प्रयोग नहीं
a टेंट नहीं लगाया जाएगा, गिफ्ट व भोजन नहीं बाटूंगा
a आचार संहिता का पालन करते हुए सहयोग करूंगा
a निर्वाचन अधिकारियों के हर फैसले का पालन होगा
a आचार संहिता न मानने पर पर्चा निरस्त कर सकते
a सदस्यता और चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लग सकता