कमल ने बताया कि कोटेदार बाबूराम के घर में मुंडन संस्कार था। रात करीब आठ बजे बाबूराम और उसके साले टीपू और गोपी निवासी दरियापुर थाना के गांव चांदपुर, अंकित को दावत के लिए लेकर गए थे। देर रात तक अंकित के घर न लौटने पर परिजन खोजबीन में जुटे रहे। सुबह खेत जा रहे ग्रामीणों ने गांव किनारे तालाब के पास बबूल के पेड़ से अंकित का शव लटकते देखा। पैर जमीन पर टिके थे। गले में गमछे की गांठ बंधी थी। दूसरा छोर पेड़ की डाल से बंधा था। कुछ दूरी पर खून के धब्बे भी मिले।
भाई कमल का आरोप है कि हत्यारोपियों के परिवार की युवती से भाई का प्रेम-प्रसंग था। इसे लेकर कई बार विवाद भी हुआ। इसी रंजिश में भाई की हत्या की गई। सीओ सिटी कपिल देव मिश्रा के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने शव उठने दिया। थानाध्यक्ष नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर दस चोटों के निशान मिले हैं। युवक को बेरहमी से पीटने के बाद गला दबा कर हत्या कर दी गई। हत्यारोपियों की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।