कानपुर। लिवर की सर्जरी और सरवाइकल कैंसर के रोगियों के मलाशय से होने वाली ब्लीडिंग को आसानी से रोका जा सकेगा। मल्टी सुपर स्पेशियलिटी एंड पीजीआई इंस्टीट्यूट की गैस्ट्रोइंटोलॉजी विभाग में ओपीसी मशीन आ गई। 10 रोगियों पर इसका ट्रायल भी पूरा हो गया है।
विभागाध्यक्ष डॉ. विनय कुमार ने बताया कि रक्तस्राव रोकने के लिए इस मशीन से आठ से 10 राउंड में रोगी का इलाज होता है। निजी क्षेत्र में एक राउंड के इलाज का खर्च 15 हजार रुपये आता है और अस्पताल की सरकारी फीस प्रति राउंड डेढ़ हजार रुपये है। विभागाध्यक्ष डॉ. कुमार ने बताया कि इसमें ऑर्गन गैस होती है। इसके जरिये रक्तस्राव वाले टिश्यू में खून का थक्का जमा दिया जाता है। इससे खून बहना बंद हो जाता है।
खासतौर पर कैंसर के ऐसे रोगी जिन्हें रेडियोथैरेपी के बाद रक्तस्राव होने लगता है, उन्हें इस मशीन से राहत मिलेगी। इसी तरह लिवर के अल्सर, सर्जरी वाले रोगियों में दिक्कत हो जाती है। इसके अलावा जनरल सर्जरी में भी इसकी जरूरत पड़ती है।