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Kanpur News: अपहरण नहीं, व्यापार में घाटा होने से परेशान होकर गया था मनीष

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भरथना। अपहरण का शोर मचाने वाले मोहल्ला ब्रह्म्मनगर के खाद व्यापारी ने पुलिस की सख्ती से पूछताछ में अपहरण होने की कहानी झूठी बताई। कहा कि वह व्यापार में घाटा होने से परेशान होकर स्वयं बलरामपुर चले गए थे। वहां पर गिरकर चोटिल होने के बाद उन्होंने नशे की हालत में घर को अपहरण की सूचना दे दी थी।
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28 जून को मनीष की मां शांति ने उसके लापता होने की सूचना कोतवाली पुलिस को दी थी। इस पर पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर ली थी। पुलिस की जांच में मनीष की लोकेशन बलरामपुर मिली थी। इस पर टीम बलरामपुर लेने के लिए मनीष को रवाना हो गई थी। इस बीच मंगलवार को मनीष ने फोन करके खुद के अपहरण होने की बात कही।
रात लगभग 10 बजे सपा के सोशल मीडिया एकाउंट से मनीष के अपहरण होने की जानकारी डालते हुए पुलिस से आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की गई थी। पुलिस ने मनीष को नशे की हालत में सकुशल बरामद कर लिया था। उसे मंगलवार देर रात पुलिस इटावा लेकर आईं। यहां उसके चोटों के निशान देखकर एसएसपी बृजेश श्रीवास्तव ने इलाज दिलाने का आदेश दिया था।
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आयुर्विज्ञान विवि में मनीष का इलाज कराया गया। होश आने के बाद बुधवार को मनीष ने पुलिस से खुद की गलती होने की बात बताई। कहा कि वह खाद बीज का व्यापार करता है। उसे व्यापार में घाटा हो गया था। इसलिए वह बस से लखनऊ और फिर वहां से बलरामपुर चला गया था। वहां नशे की हालत में गिरने की वजह से उसके चोटें आ गई थीं।
खुद की फोटो खींचकर उसने अपहरण का नाटक रचा था। पुलिस की जांच में पता चला है कि फरवरी में वह खाद कंपनी से मिले ग्रुप टूर में वह थाईलैंड भी गया था। सीओ सैफई रामगोपाल शर्मा ने बताया कि अपहरण का मामला फर्जी निकला है। मनीष ने बताया कि वह व्यापार में घाटा होने से परेशान होकर घर से चला गया था।
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