पंद्रह दिन पहले अपहृत लखनऊ के प्रॉपर्टी डीलर अमित दुबे के सोमवार को मथुरा से मिलने के बाद पूछताछ में उनकी बताई कहानी पुलिस के गले नहीं उतर रही है। पुलिस की पूछताछ में 52 लाख रुपये साथ लाने वाली बात भी झूठी निकली।
प्रॉपर्टी डीलर अमित दुबे की कार पांच जुलाई को दिबियापुर रोड पर लावारिस हालत में मिली थी। पांच जुलाई की रात में उनके पिता की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ अपहरण की रिपोर्ट दर्ज की थी। सोमवार यानी 20 जुलाई की सुबह मथुरा में रिफाइनरी क्षेत्र में पुलिस को मिले प्रापर्टी डीलर अमित दुबे के मिलने की सूचना आई थी।
रात में औरैया पुलिस उसे लेकर यहां पहुंची। तब से लगातार पूछताछ जारी है। प्रापर्टी डीलर ने 52 लाख रुपये को लेकर मथुरा निवासी गोपाल नाम के एक व्यक्ति पर अपहरण किए जाने का आरोप लगाया है। यह जानकारी पूरी तरह से फर्जी प्रतीत हो रही है।
इस संबंध में एसपी सुनीति ने बताया कि प्रॉपर्टी डीलर ने काफी लंबी कहानी सुना दी है। इसको लेकर पुलिस टीम कई जगह रवाना की गई है। गोपाल मंगलवार को औरैया आया और बताया कि अमित दुबे को कोई भी पैसा नहीं दिया है। उसके पास इतना रुपया है ही नहीं। लेकिन अमित दुबे ने उसके ऊपर जो आरोप लगाकर उसकी छवि खराब की है वह बहुत ही गलत है।
एसपी ने बताया कि जिन लोगों से प्रॉपर्टी डीलर ने रुपये उधार ले रखे हैं, उनमें कुछ लोग जालौन व गाजियाबाद के हैं, जो कोतवाली पहुंच चुके हैं और उनकी ओर से अलग-अलग रिपोर्ट दर्ज कराने को तहरीर दी जा रही है। उन्होंने बताया कि प्रॉपर्टी डीलर फार्मासिस्ट का कोर्स किए हुए है। उसकी खुद की मेडिकल स्टोर की दुकान है। ऐसे में लावारिस मिली गाड़ी में खून की बूंदे कहां से आईं हैं इसको लेकर प्रॉपर्टी डीलर से जानकारी की जा रही है।