जांच टीम देख रही, जानकारी खुद जुटाई या साथी से ली
कुमार विकास को जानने वाले कर्मचारियों से भी पूछताछ की गई। किस तरह से डिपार्टमेंट को डील करता था। आरोपी और नेहा की चैट से रिकवर दस्तावेजों व जानकारियों को लेकर जांच की गई। समझा कि कौन सी जानकारी या फोटो कहां से ली गई। यह समझने का प्रयास किया कि भेजी गई जानकारी या फोटो-दस्तावेज उसने खुद जुटाए या किसी साथी की मदद ली। इस दौरान जनवरी से गिरफ्तारी के दिन तक हर विभाग से जुड़े रास्तों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी अपने कब्जे में ली।
दस्तावेज ले गए, सॉफ्टवेयर भी जांचा
विकास के वर्कस्टेशन पर मौजूद दस्तावेज खंगालने के बाद टीम उनमें से कुछ दस्तावेजों को अपने साथ ले गई। इस दौरान टीम में मौजूद साइबर एक्सपर्ट ने कंप्यूटर के हार्डवेयर और साफ्टवेयर को जांचा। सूत्रों के मुताबिक टीम यह जानकारी जुटाना चाहती थी कहीं कुमार विकास ने किसी तरह का वायरस इंटरनल सिस्टम में तो नहीं छोड़ दिया था। हालांकि टीम को ऐसा कोई सुराग नहीं मिला।