ई-रिक्शे पर लगाया जाएगा बार कोड
हजारों कंडम रिक्शे भी सड़कों तक अराजकता फैला रहे हैं। इनकी वजह से रोजाना जाम लगता है और हादसे होते हैं। पंजीकरण के लिए ठेकेदार का चयन कर लिया गया है। ठेकेदार ने कार्य शुरू करते हुए सॉफ्टवेयर, एप्लीकेशन, वेब पोर्टल तैयार कर लिया है। ई-रिक्शों के पंजीकरण का प्रोफार्मा भी तय हो गया है। प्रत्येक पंजीकृत ई-रिक्शे पर अनिवार्य रूप से बार कोड लगाया जाएगा।
तीन रूटों के विकल्प लिए जाएंगे
यह आसानी से खराब नहीं होगा। इससे गैर पंजीकृत ई-रिक्शे तय रूटों में नहीं चल पाएंगे। गलत रूट पर मिलने पर चालान से लेकर सील करने तक की कार्रवाई की जाएगी। पंजीकरण के दौरान ई-रिक्शा मालिक से प्राथमिकता के आधार पर तीन रूटों के विकल्प लिए जाएंगे। जो ई-रिक्शा मालिक पहले पंजीकरण कराएंगे, उन्हें मनमाफिक रूट आवंटित किया जाएगा।
प्राथमिकता वाला रूट होगा आवंटित
यदि उस रूट में निर्धारित संख्या में ई-रिक्शे पंजीकरण हो चुके होंगे, तो दूसरी प्राथमिकता वाला रूट आवंटित किया जाएगा। इसी तरह आवेदन करने से पहले ही यदि दूसरी प्राथमिकता वाले रूट में भी निर्धारित संख्या में ई-रिक्शों के पंजीकरण हो गए होंगे तो बाद में आवेदन करने वाले को तीसरा रूट आवंटित किया जाएगा। यदि तीनों रूट नहीं मिल सकते, तो अन्य विकल्प लिए जा सकते हैं।
बीच सड़क पर सवारी भरता ई-रिक्शा चालक
एक महीने तक चलेगा पंजीकरण शिविर
पंजीकरण के लिए सभी छह जोनों में दो-दो स्थानों पर शिविर लगेंगे। शिविर एक महीने चलेंगे। प्रत्येक शिविर में नगर निगम, पुलिस और आरटीओ विभाग के कर्मचारी रहेंगे, जो ई-रिक्शा आते ही पंजीकरण के लिए आवेदन फार्म भराएंगे। पंजीकरण के दौरान ई-रिक्शा चलाने वाले चालक के ड्राइविंग लाइसेंस, पते आदि का विवरण भी लिया जाएगा। टीम में शामिल आरटीओ कर्मी विभाग के रिकार्ड से ई-रिक्शे का पंजीकरण, मालिक का नाम, पता आदि का मिलान करेंगे। इसके बाद पंजीकरण होगा।
10 अप्रैल से ई-रिक्शों का पंजीकरण शुरू हो जाएगा। निर्धारिट रूटों, उनमें पंजीकृत होने वाले ई-रिक्शों की संख्या, शिविर स्थलों की जानकारी जल्द दी जाएगी। यह व्यवस्था लागू होने पर शहरवासियों को ई-रिक्शों की अराजकता से निजात मिलेगी। -सुधीर कुमार, नगर आयुक्त