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Irfan Solanki Case: सरेंडर की लिखी जा चुकी थी पटकथा, पुलिस कमिश्नर से रूंधे गले से बोले- लीजिए मैं आ गया

Sat, 03 Dec 2022 09:30 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

सपा विधायक इरफान सोलंकी और उनके भाई रिजवान के सरेंडर की स्क्रिप्ट पहले ही लिखी जा चुकी थी। इरफान सोलंकी के फेसबुक पेज पर सुबह 10:48 बजे से सरेंडर का लाइव शुरू हुआ था।
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इरफान सोलंकी का सरेंडर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कानपुर पुलिस के कसते शिकंजे ने इरफान और रिजवान को सरेंडर के लिए भले ही मजबूर कर दिया हो। लेकिन इस सरेंडर की पटकथा पहले ही लिखी जा चुकी थी। एक पुलिस अफसर को इसकी कमान सौंपी गई थी। सूत्रों के अनुसार गुरुवार देर रात करीब 11 बजे विधायक व उनके भाई शहर पहुंच गए थे।

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एक अपार्टमेंट में दोनों को रोका गया था, जहां सब कुछ पहले से तय हो गया था। सरेंडर करने के दस मिनट पूर्व ही व्हाट्सएप के मीडिया ग्रुप पर उनके सरेंडर की खबरें प्रसारित होने लगीं थीं। सुबह जैसे ही इरफान सोलंकी सरेंडर करने पुलिस कमिश्नर आवास पहुंचे,तो ठीक 10:48 बजे इरफान के फेसबुक पेज से लाइव शुरू हो गया।
इस दौरान पुलिस को लेकर कई कमेंट भी किए गए। सुबह 10:30 बजे पांच गाड़ियों से इरफान सोलंकी सरेंडर करने सीपी आवास पहुंचे थे। एक कार में वह खुद दूसरे में रिजवान, दो गाड़ियों में अमिताभ बाजपेई और हसन रूमी थे। एक कार में इरफान के चाचा थे।

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कैंप कार्यालय में पहुंचते ही पहले से मौजूद परिजन इरफान से लिपट पड़े। बड़ी बेटी जारा को गले लगाकर इरफान ने कहा कि यकीन रखो, सब अच्छा होगा। इस दौरान पत्नी नसीम, मां खुर्शीदा बेगम, बेटा मुस्तफा भी मौजूद रहे। साथ में अन्य विधायक भी थे।
सपा के दोनों विधायकों ने पहले ही समर्थकों को समझा दिया था कि इस मामले में कोई विरोध नहीं करना है। बावजूद इसके कचहरी से लेकर पुलिस लाइन तक इरफान के सैकड़ों समर्थक मौजूद थे। वहीं एसटीएफ, क्राइम ब्रांच के लोग सादे कपड़ों में भीड़ के बीच खड़े थे।

पुलिस कमिश्नर से रूंधे गले से बोले इरफान... लीजिए मैं आ गया
इरफान के साथ पुलिस कमिश्नर के कमरे में सपा विधायक हसन रूमी और विधायक अमिताभ बाजपेई के अलावा परिवार के सदस्य व अन्य नेता मौजूद थे। विधायक ने पुलिस कमिश्नर से रूंधे हुए गले से सिर्फ इतना कहा, लीजिए मैं आ गया हूं। जो करना है कीजिए।

कुर्की के डर से खुद को सरेंडर किए विधायक
विधायक इरफान सोंलकी और उनके भाई दो अलग-अगल दिशाओं में बैठे थे। ये तो तय है कि लखनऊ से फरारी काटने के बाद वे कानपुर आये थे। यहां से मददगारों के जरिये व दिल्ली, नोएडा, मुंबई, हैदराबाद, नागपुर, अलवर तक गये। पर अचानक उनके सरेंडर की स्क्रिप्ट नाटकीय ढंग से किसने लिखी ये चर्चा का विषय बना हुआ है।

दरअसल नूरी शौकत और उनके परिवार के लोगों को जेल भेजे जाने के बाद विधायक के और करीबियों पर शिकंजा कसने की तैयारी थी। वहीं विधायक के पुराने मुकदमों और शिकायतों को भी खोल कर पुलिस विधायक पर शिकंजा कसने की तैयारी कर रही थी।

सूत्रों के अनुसार अगर आज विधायक सरेंडर नहीं करते तो उनके घर के बाहर डुगडुगी पिटनी तय थी। इसी इज्जत को बचाने के लिए विधायक के सरेंडर करने की स्क्रिप्ट गुरूवार को देर रात एक बजे लिख दी गई। एक पुलिस अफसर को इसकी कमान सौंपी गई।

सूत्रों के अनुसार देर रात करीब 11 बजे विधायक व उनके भाई शहर पहुंच गये थे। एक अपार्टमेंट में दोनों को रोका गया था। जहां सब कुछ पहले से तय हो गया था। सरेंडर करने के दस मिनट पूर्व ही व्हाट्सएप के मीडिया ग्रुप पर उनके सरेंडर की खबरें प्रसारित होने लगी।

सरेंडर के दौरान सोशल मीडिया रही एक्टिव
विधायक इरफान सोंलकी का सरेंडर भी फेसबुक पर लाइव चलता रहा। जिसे हजारों लोगों ने न सिर्फ देखा, बल्कि पुलिस को लेकर कमेंट भी किये। सुबह 10.20 बजे दो गाड़ियों से इरफान सोंलकी उनके भाई रिजवान सेंलकी जैसे ही पुलिस कमिश्नर आवास के गेट पर पहुंचे। उनके सोशल मीडिया ग्रुप के सदस्य सक्रिय हो गए।
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सरेंडर प्रक्रिया लाइव फेसबुक पर चलती रही, जिसे पुलिस अफसर भी देखते रहे। कैंप कार्यालय में अंदर पहुंचते ही दोनों विधायकों के गले लगते हुए इरफान सोंलकी काफी भावुक रहे। उनकी आंखों के आंसू बहुत कुछ बयां कर रहे थे। इससे पूर्व बेटी को गले लगाकर विधायक फफक पड़े बोले... बेटी अल्लाह पर यकीन रखो, सब अच्छा होगा।
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