जिसके बाद टीम को जांच के लिए लगाया गया। टीम ने जांच की तो इस परिवार के पास फर्जी आधार कार्ड, बांग्लादेशी और भारत के पासपोर्ट, फर्जी जन्म प्रमाण पत्र, विदेशी करंसी और भारतीय करंसी के 14.56 लाख रुपये बरामद किए गए। अधिकारी के मुताबिक यह परिवार यहां पर सन 2016 से छुपकर रह रहा है।
विधायक और पार्षद का प्रमाण पत्र मिला
ज्वाइंट सीपी ने बताया कि विधायक इरफान सोलंकी ने दो बार और पार्षद मनु रहमान ने दो बार रिजवान मोहम्मद के लिए प्रमाण पत्र दिया था। जिसमें दोनों ने लिखा है कि वह इसे काफी समय से जानते हैं और यह यही का नागरिक है। इसी आधार पर उनका आधार कार्ड और फिर सभी दस्तावेज बन गए थे। पुलिस इस मामले में अब विधायक और पार्षद को भी आरोपी बना सकती है। मामले की जांच की जा रही है।
जाली पासपोर्ट से की विदेश यात्रा
जांच के दौरान सामने आया कि डॉ. रिजवान ने भारत से बांग्लादेश ही नहीं अमेरिका, बैंकॉक समेत कई देशों की फर्जी पासपोर्ट से यात्रा की है। एनआईए, एटीएस, मिलिट्री इंटेलिजेंस समेत अन्य सुरक्षा एजेंसियों को भी पूरे मामले की जानकारी दी गई है। इन सभी सुरक्षा एजेंसियों के अफसर अपने-अपने स्तर से पकड़े गए डॉ. रिजवान और उनके पूरे परिवार से पूछताछ में जुटी है।
एजेंसियां खंगाल रहीं डॉ. रिजवान और इरफान के संबंध
डॉ. रिजवान को भले ही पुलिस ने कार्रवाई करने के बाद जेल भेजने की तैयारी कर ली है, इसके बाद भी एजेंसियों ने डॉ. रिजवान और उनके परिवार के विधायक इरफान से संबंध तलाशने शुरू कर दिए हैं।
हालांकि अभी बहुत से सवाल हैं जिनकी तलाश एजेंसी के साथ पुलिस को भी करनी होगी। मसलन डॉ. इरफान कब से देश और कानपुर में रह रहे हैं? वे कानपुर में शादी के बाद से क्या कर रहे थे? फर्जी पासपोर्ट बनवाने में उनकी मदद किसने की? इसकी जानकारी किसको-किसको थी।
बांग्लादेशी नागरिक और उसके परिवार समेत पांच को गिरफ्तार किया गया है। कई बिन्दुओं पर जांच की जा रही है। इनके खिलाफ मूलगंज थाने में धोखाधड़ी, फर्जी सरकारी दस्तावेज बनाना, उनका प्रयोग करना, षड्यंत्र रचने और 14 विदेशी विषयक अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कराई गई है। इनसे पूछताछ में जो तथ्य और आएंगे उसके आधार पर धारा बढ़ाई जाएगी।- आनंद प्रकाश तिवारी, ज्वाइंट सीपी