जब विधायक एयरपोर्ट पर प्रवेश कर गए और फ्लाइट में बैठ गए थे। तब ये सभी वापस कानपुर के लिए रवाना हुए थे। इन तथ्यों की पुष्टि इशरत ने पूछताछ में की। साथ ही पुलिस ने इससे संबंधित होटल, एयरपोर्ट आदि के सीसीटीवी फुटेज जुटाए हैं। संबंधित गवाहों के बयान भी लिए गए हैं।
बुकिंग रूही ने कराई, आईडी इन सभी की लगाई गई
पुलिस की जांच में सामने आया कि नूरी की बहन रूही ने होटल के दो कमरों की बुकिंग ओयो एप से कराई थी। इसमें रूही का ही मोबाइल नंबर इस्तेमाल किया गया था। जब चारों लोग होटल पहुंचे थे, तो आईडी होटल प्रशासन को दी थी।
अम्मार, नूरी और इशरत ने अपने सही आईडी प्रूफ दिए थे, जबकि इरफान ने अशरद अली नाम वाला फर्जी आधार कार्ड दिया था। इन सभी दस्तावेजों को पुलिस ने केस में शामिल कर लिया है। इसको आधार बनाकर भी मुकदमा दर्ज किया गया है।
मददगारों ने उपलब्ध कराए थे मोबाइल व सिम
फरार होने के बाद विधायक ने कई मोबाइल व सिम बदले थे। इरफान के जो लोग मददगार बने रहे। उन्हीं लोगों ने उसको मोबाइल व सिम उपलब्ध कराए थे। एक दो प्री-एक्टिवेटेड सिम का इस्तेमाल किया गया। वहीं कुछ अपनी आईडी पर लिए गए सिम दिए।