उन्होंने जमानत की सुनवाई के दौरान दीवानी मुकदमे की फाइल को भी कोर्ट में तलब करने की मांग की। वहीं इरफान के अधिवक्ता नरेश चंद्र त्रिपाठी व कमलेश पाठक ने तर्क रखा कि मुकदमे में केडीए पक्षकार है। केडीए भी सरकारी विभाग है। जमीन की स्थिति का पता लगाने के लिए केडीए अधिकारी को कोर्ट में तलब कर लिया जाए। मार्च 2022 में उक्त जमीन की रजिस्ट्री हो चुकी है। इस आधार पर रिजवान जमीन के मालिक हैं। हम आग क्यों लगवाएंगे। एडीजीसी रवींद्र अवस्थी ने बताया कि दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने दीवानी न्यायालय की फाइल तलब करने के साथ ही अगली सुनवाई के लिए 13 दिसंबर की तारीख नियत कर दी है।