उन्नाव में जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव को लेकर कई दिनों से जारी शह और मात के खेल के बीच गुरुवार दोपहर बाद प्रशासन की कार्रवाई से कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। राजस्व विभाग अधिकारियों ने भाजपा के बागी प्रत्याशी अरुण सिंह के फार्म हाउस, पेट्रोल पंप और शहर के हुसैन नगर में 52 बीघा जमीन पर प्लॉटिंग करा रहे सदर विधायक के करीबियों की जमीन की पैमाइश की।
प्लॉटिंग की जमीन के बीच छह बीघा जमीन ग्राम समाज की है। अवैध कब्जा पाए जाने पर पूर्व में तहसीलदार ने 11 लाख रुपये जुर्माना भी लगाया था। एसडीएम के मुताबिक सरकारी जमीनों के नंबर चिह्नित कर अलग किए जा रहे हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में भाजपा से बगावत कर चुनाव मैदान में उतरे पूर्व ब्लाक प्रमुख अरुण सिंह का पुरवा तहसील के सहरावां गांव में पेट्रोल पंप व फार्म हाउस है।
पेट्रोल पंप के आसपास सरकारी भूमि पर कब्जे की शिकायत की गई थी। इस पर पुरवा एसडीएम राजेश चौरसिया, सीओ हसनगंज आरके शुक्ला, नायब तहसीलदार अमृतलाल ने जमीन की पैमाइश कराई। हालांकि जांच में सरकारी जमीन पर कब्जा साबित नहीं हुआ। यहां सरकारी जमीन खाली पाई गई। एसडीएम ने बताया कि शिकायत पर जांच की गई, लेकिन ग्राम सभा की चार बीघा भूमि खाली पाई गई है।
रिपोर्ट डीएम को भेजी जा रही है। वहीं दोपहर दो बजे एसडीएम सदर सत्यप्रिय सिंह, तहसीलदार ओपी शुक्ला राजस्व व पुलिस टीम के साथ हुसैन नगर गांव पहुंचे। यहां सदर विधायक पंकज गुप्ता के करीबी भूरी देवी व छिपियाना मोहल्ला निवासी भोलू सहित अन्य लोग 52 बीघा में प्लॉटिंग करा रहे हैं। यह जमीन कानपुर के जाजमऊ निवासी अफसर जहां के नाम दर्ज है।