कानपुर देहात। उत्तर मध्य रेलवे के झांसी मंडल अंतर्गत लालपुर, मलासा, पुखरायां, चौरा रेलखंड पर रेल परिचालन को अधिक सुरक्षित, सुगम और तीव्र बनाने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। सोमवार को इस 23.61 रूट किलोमीटर लंबे रेलखंड में आधुनिक ऑटोमैटिक ब्लॉक सिग्नलिंग प्रणाली और मल्टी सेक्शन डिजिटल एक्सल काउंटर (एमएलडीएसी) आधारित ड्यूल ट्रैक डिटेक्शन के कमीशनिंग का काम पूरा होने पर शुरुआत की गई।
इससे रूट की लाइन क्षमता को बढ़ाना और ट्रेनों के सुगम आवागमन को सुनिश्चित हो सका है। प्रोजेक्ट यूनिट कानपुर की तरफ से कमीशन की गई। इस परियोजना के तहत 23.61 रूट किलोमीटर के इस पूरे खंड को तीन प्रमुख ऑटोमैटिक ब्लॉक सेक्शनों में विभाजित किया गया है। इसमें लालपुर-मलासा के बीच 5.40 रूट किलोमीटर, मलासा-पुखरायां 9.80 रूट किलोमीटर, पुखरायां-चौरा 8.41 रूट किलोमीटर शामिल है।
झांसी मंडल के पीआरओ मनोज कुमार सिंह ने बताया कि पारंपरिक ब्लॉक सिस्टम में दो स्टेशनों के बीच एक समय में केवल एक ही ट्रेन रह सकती है, लेकिन ऑटोमैटिक सिग्नलिंग के तहत पूरे ब्लॉक सेक्शन को छोटे-छोटे सिग्नलिंग सेक्शनों में बांट दिया जाता है। इससे ट्रेनों के बीच एक सुरक्षित दूरी बनाए रखते हुए एक ही ट्रैक पर एक के पीछे दूसरी ट्रेन को भी चलाया जा सकता है।
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संरक्षा व सुरक्षा में सुधार, समय की होगी बचत
अब ट्रेनों को अगले स्टेशन तक का पूरा सेक्शन खाली होने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। इससे ट्रेनों की गति और समय पालन में सुधार आएगा। वहीं एमएसडीएसी आधारित ड्यूल ट्रैक डिटेक्शन सिस्टम से ट्रैक पर ट्रेन की सही स्थिति और उसके खाली होने का सटीक व विश्वसनीय विवरण मिल सकेगी। इससे इससे मानवीय भूल की गुंजाइश न के बराबर रह जाती है। परियोजना के तहत कुल आठ लेवल क्रॉसिंग गेटों को इंटरलॉक किया गया है। इसके अलावा छह समपार फाटकों पर अप्रोच लॉकिंग व अप्रोच वार्निंग प्रणाली लगाई गई है, जिससे ट्रेन आने पर गेट संचालन और सुरक्षा पहले से अधिक सटीक हो जाएगी।
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सिस्टम में होगी उच्च विश्वसनीयता
इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग (ईआई), नए डेटा लॉगर और ऑटोमैटिक फ्यूज चेंजओवर जैसी तकनीकों से सिग्नलिंग नेटवर्क की सतत निगरानी संभव होगी, जिससे तकनीकी खामियों के कारण ट्रेन रुकने की समस्याएं न्यूनतम होंगी।
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बयान-
सिग्नल एवं दूरसंचार व परिचालन विभाग के संयुक्त प्रयासों से पूरा हुआ यह तकनीकी उन्नयन भविष्य में इस मार्ग पर अधिक ट्रेनें चलाने के लिए मजबूत आधार तैयार करेगा। यह कदम आधुनिक तकनीक के माध्यम से रेल यात्रा को सुरक्षित और बेहतर बनाने की रेलवे की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। - अनिरुद्ध कुमार, रेल प्रबंधक, झांसी मंडल