हर रोज एक लाख किलो चायपत्ती की आपूर्ति
इसका कारोबार हर रोज 22.50 लाख रुपये का है। इस हिसाब से हर रोज शहर में 89.25 लाख रुपये की चायपत्ती बिक जाती है। उन्होंने बताया कि शहर से पूरे प्रदेश में भी चायपत्ती की आपूर्ति होती है। इस हिसाब से हर रोज एक लाख किलो चायपत्ती की आपूर्ति कानपुर से ही हो रही है। इसमें 80 फीसदी चाय असम से और बाकी 20 फीसदी पश्चिम बंगाल और दक्षिण भारत से आती है। चाय बनाने वाले शेफ व दुकानदारों के अनुसार एक किलो चायपत्ती में 50 एमएल के औसत 800 कप बनते हैं। इस हिसाब से तीस हजार किलो चायपत्ती में दो करोड़ 40 लाख कप चाय बनती है।
खूब भा रही है फ्लेवर चाय
युवाओं को फ्लेवर चाय खूब भा रही है। इसमें अदरक, इलायची, लौंग, लेमन, हनी लेमन, चॉकलेट, गुलाब, पान, मिंट, दालचीनी, तुलसी, स्ट्रॉबेरी, नारंगी, मैंगो, तरबूज और मसाला चाय भी खाफी पसंद की जा रही है। स्वरूपनगर, आर्यनगर, सिविल लाइंस, माल रोड, किदवईनगर, साकेतनगर, गोविंदनगर, फजलगंज, लाजपतनगर, कल्याणपुर आदि जगहों पर फ्लेवर चाय बनाने वाली कई दुकानें हैं। इसमें फर्नीचर से लेकर लाइट और म्यूजिक सभी कुछ युवाओं के अनुसार ही गया है। एक चाय के कप की कीमत 25 से लेकर 50 रुपये तक है।