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Kanpur: शहरियों में बढ़ा जूतों का शौक, यूरोप के बराबर पहुंचा कानपुर, इफ्कोमा की रिपोर्ट में खुलासा

Sat, 02 Dec 2023 02:05 PM IST
हिमांशु अवस्थी अमित अवस्थी, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: जूतों के बढ़ते शौक की वजह से फुटवियर इंडस्ट्री बढ़ रही हैं। एक साल में निर्यात 1000 करोड़ बढ़ा है और घरेलू स्तर पर 500 करोड़ का कारोबार बढ़ा है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कानपुरवासियों में जूतों का शौक बढ़ रहा है। मौके के हिसाब से जूते पहनने का क्रेज है। यही वजह है कि जूतों के इस्तेमाल हम यूरोपीय देशों के बराबर आ खडमे हैं। साल औसतन ढाई जोड़ी जूता पहन लेते हैं। इतनी ही खपत यूरोपीय देशों में भी है। तीन साल पहले (2020-21) तक कानपुर और देश में यह आंकड़ा एक से डेढ़ जोड़ी जूते का ही था।

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हालांकि, अब अमेरिका के बाद हम दुनिया में दूसरे नंबर पर आ गए हैं।  अमेरिका के लोग साढ़े तीन से चार जोड़ी जूते साल भर में पहन लेते हैं। चर्म निर्यात परिषद और इंडियन फुटवियर कंपोनेंट्स मैन्यूफैक्चर्स एसोसिएशन (इफ्कोमा) की रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है। कानपुर में हर साल 50 लाख जोड़ी जूता बन रहा है।
इनमें 20 प्रतिशत ब्रांडेड जूतों का उत्पादन होता है और शेष नॉन ब्रांडेड और औसत गुणवत्ता के होते हैं।  जूतों के बढ़ते शौक की वजह से फुटवियर इंडस्ट्री बढ़ रही हैं। एक साल में निर्यात 1000 करोड़ बढ़ा है और घरेलू स्तर पर 500 करोड़ का कारोबार बढ़ा है। पिछले साल तक कानपुर समेत देशभर में 220 लाख जोड़ी जूते बनते थे। अब 250 लाख जोड़ी जूता बनने लगे हैं।

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फुटवियर में चीन की धमक हो रही कम
कोरोना के बाद फुटवियर उद्योग में चीन का दबदबा कम हो गया है। अब घरेलू उत्पाद गुणवत्ता और कीमत के लिहाज से चीन जितने ही प्रतिस्पर्धी हो गए हैं। चीन से कारोबार कानपुर समेत पूरे भारत, वियतनाम, इंडोनेशिया व बांग्लादेश में शिफ्ट हुआ है।

प्रदर्शनी में मशीनों-उत्पादों की मिलेगी जानकारी
इंडियन फुटवियर कंपोनेंट्स मैन्यूफैक्चर्स एसोसिएशन की ओर से उन्नाव के केएलसी में 6-7 दिसंबर को प्रदर्शनी लगेगी। इसमें जूते के सोल व अन्य उपकरणों का प्रदर्शन होगा। यहां 100 स्टाॅल लगेंगे। इसमें कानपुर के कारोबारी 15 स्टॉल लगाएंगे।

बीते सालों में निर्यात
  • 2021-22 में पांच हजार करोड़
  • 2022-23 में छह हजार करोड़
बीते सालों में घरेलू कारोबार
  • 2021-22 में 1500 करोड़
  • 2022-23 में 2000 हजार करोड़

कानपुर समेत देशभर में प्रति व्यक्ति औसत फुटवियर का उपयोग बढ़ा है। पहले यह एक से डेढ़ जोड़ी था जो अब ढाई जोड़ी हो गया है। यह बढ़ते फुटवियर उद्योग को दर्शा रहा है।  -एसके वर्मा, एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर, इंडियन फुटवियर कंपोनेंट्स मैन्यूफैक्चर्स एसोसिएशन

प्रति व्यक्ति जूते की मांग बढ़ गई है। गुणवत्तायुक्त उत्पादों पर खास जोर दिया जा रहा है। यह पूरे फुटवियर उद्योग के लिए अच्छा मौका है। दो दिन की प्रदर्शनी में नई तकनीक का प्रदर्शन भी होगा।  -राजेंद्र कुमार जालान, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, चर्म निर्यात परिषद
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शहरी क्षेत्रों में फुटवियर की मांग तेजी से बढ़ी है। हालांकि लोगों की क्रय शक्ति अभी भी सीमित है। क्रय शक्ति बढ़ जाए, तो फुटवियर उद्योग में और तेजी देखने को मिल सकती है।  -आलोक अग्रवाल, राष्ट्रीय महामंत्री आईआईए और फुटवियर कारोबारी
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