इटावा। परिवार और कर्मचारियों के सामने दो बार जलील करने की वजह से मेरा पिता आहत हो गए थे। इसलिए उन्हें यह आत्मघाती कदम उठाना पड़ा। यह आरोप शनिवार को दी गई तहरीर में बेटे सिद्धार्थ ने लगाए।
तहरीर में बेटे ने बताया कि पिता चेयरमैन मैडम से मिलकर कहने गए थे कि उनसे कनिष्ठ लोगों को पदोन्नति दी जा रही है, जबकि उनकी लंबे समय से पदोन्नति रुकी है। इस पर मैडम ने पूर्व चेयरमैन व पति कुलदी गुप्ता से मिलने के लिए कहा था। पिता कुलदीप गुप्ता से मिले तो आरोप है कि उन्होंने कहा कि तुम्हें पदोन्नति की पड़ी है मैं तुम्हारी नौकरी खा जाऊंगा।
पिता ने कारण पूछा तो चेयरमैन के पति ने चेयरमैन के कार्यालय में आकर मिलने के लिए कहा था। पिता अगले दिन जब मिलने गए तो कक्ष में पति कुलदीप, चेयरमैन ज्योति गुप्ता, सेवानिवृत्त पेशकार अतर सिंह, सेवानिवृत्त कर्मचारी सुनील वर्मा आदि मौजूद थे। पिता ने फिर अपनी बात दोहराई तो चेयरमैन पति ने कहा कि मैं अपने लड़के लगाता हूं तो तुम उसमें हस्ताक्षेप क्यों करते हो। कहा कि रिटायरमेंट से पहले तेरी नौकरी खा जाएंगे, पेंशन भी नहीं मिलने देंगे।
पिता ने घर आकर मुझे बात बताई और कहा कि मेरी बहुत बेइज्जति हुई मैं मर जाऊंगा। इसके बाद पिता के साथ मैं और माता जी चेयरमैन से मिलने गए। तब भी चेयरमैन, उनके पति व अन्य रिटायर्ड कर्मचारी मिले। इस बार भी चेयरमैन पति ने अभद्रता की कहा कि अभी तक तू मरा नहीं...। शर्मशार होकर हम लोग लौट आए थे। इसके बाद पिता ने कोर्ट की शरण ली थी। कोर्ट के आदेश को भी चेयरमैन और उनके पति ने नहीं माना। इस पिता ने अवमानना का मामला कोर्ट में डाला था। यह मामला संज्ञान में आने पर पिता को फिर कार्यालय में मिलाकर सभी ने पिता को बेइज्जती की। इससे आहत होकर मेरे पिता ने जान दे दी।