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इंस्पेक्टर का फेसबुक पर पोस्ट 'मैं पुलिस में हूं जिसे जानकारी नहीं वो समझ ले' फिर लोगों का रिएक्शन

Fri, 05 Oct 2018 06:46 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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पुलिस इंसपेक्टर का फेसबुक पर पोस्ट
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एक ओर भाजपा सरकार लखनऊ विवेक तिवारी कांड के बाद पुलिस की छवि सुधारने का हर संभव प्रयास कर रही है तो दूसरी ओर कुछ पुलिसवाले अपनी आदतों से बाज नहीं आ रहे हैं। उत्तर प्रदेश में मित्र पुलिसिंग की जमकर हंसी उड़ रही है। शुक्रवार को कन्नौज में पुलिस बर्बरता का एक और मामला सामने आ गया। यहां एक युवक को पुलिस ने बंधक बनाकर इस कदर टॉर्चर किया कि उसका पूरा बदन काला पड़ गया। ट्विटर पर शिकायत से पूरे पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। डीजीपी ने इस मामले को लेकर कन्नौज के एसपी को तलब कर लिया है। 
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दूसरी ओर मूल रूप से इटावा निवासी इंस्पेक्टर संजय यादव ने फेसबुक पर एक ऐसा पोस्ट लिखा जिसे पढ़कर लोग हैरान रह गए। संजय ने अपनी फेसबुक वॉल पर लिखा कि- वैसे तो मेरे सभी मित्रों को पता है कि मैं पुलिस में हूं जिसे जानकारी नहीं है वो समझ लें...जिसको भी पुलिस से आपत्ति है वो स्वतः ही अनफ्रेंड हो जाए। 


 
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इनका गनर किस विभाग से होगा और किस पद का होगा

पुलिस इंसपेक्टर का फेसबुक पर पोस्ट
केवल यही नहीं संजय ने विवेक तिवारी केस पर उनकी पत्नी को गनर दिए जाने की खबर (अखबार की कटिंग) पोस्ट करते हुए लिखा- 'इनका गनर किस विभाग से होगा और किस पद का होगा। क्योंकि इनकी नजर में सिपाही तो पुलिस विभाग का सबसे छोटा प्यादा है। अगर किसी के पास सही सुझाव हो तो बताने का कष्ट करें'। 

संजय यादव की पोस्ट पर लोगों का कुछ ऐसा रहा रिएक्शन...
राहुल सैफई- देखते जाओ सर। अभी क्या हुआ अभी गनर मिले हैं अगली कड़ी में मंत्री बनने वाली हैं तिवारी जी और वो महिला कॉन्स्टेबल जो अपने पति के लिए लड़ रही थी उसको लखनऊ से 500 किलोमीटर दूर भेज दिया वारे सरकार।
नील कमल- इनको जब पुलिस पर भरोसा ही नही तो सुरक्षा क्यों मांगी।
अनिल कुमार- गनर की जरूरत इसलिए है चुनाव नजदीक हैं और सरकार को बदनाम करने के लिए विपक्ष कुछ भी कर सकता है। यूपी के विपक्ष का कुछ भरोसा नहीं ये कितना भी गिर सकते हैं। 
 
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