कोविड अस्पताल का निरीक्षण करते डीएम।
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कानपुर देहात। कोरोना संक्रमित गंभीर मरीजों के लिए जिला अस्पताल में बनाया गया एल-टू अस्पताल उद्घाटन के बाद भी संचालित नहीं हो सका है। बुधवार रात कोरोना संक्रमित गंभीर वृद्धा डॉक्टर न होने से करीब छह घंटे तक एएलएस एंबुलेंस में तड़पती रही। मामला डीएम तक पहुंचने पर वृद्धा को गुरुवार की सुबह छह बजे हैलट भेजा गया। इधर, मामले में डीएम व सीएमओ ने डॉक्टर से स्पष्टीकरण तलब किया है।
अकबरपुर कस्बा निवासी एक 70 वर्षीय वृद्धा की बुधवार को कोरोना संक्रमित होने की रिपोर्ट आई थी। शाम को केंद्रीय विद्यालय कोविड अस्पताल ले जाया गया। उसकी हालत बिगड़ने पर रात 12:20 बजे वृद्धा को सांस लेने में तकलीफ होने पर जिला अस्पताल, अकबरपुर के एल-टू अस्पताल रेफर कर दिया गया। एंबुलेंस से वह एल-टू अस्पताल पहुंची तो वहां डॉ. अजीत वर्मा मौजूद नहीं मिले। वृद्धा एंबुलेंस में ही तड़पती रही। करीब दो घंटे तक डॉक्टर के न पहुंचने पर एंबुलेंस कर्मी उसे फिर केंद्रीय विद्यालय ले गए। वहां से वृद्धा को फिर से जिला अस्पताल भेजा गया।
मामला उच्चाधिकारियों तक पहुुंचने पर वृद्धा को गुरुवार की सुबह 6 बजे कानपुर हैलट अस्पताल के लिए रेफर किया जा सका। डॉक्टर के नदारद होने की गंभीर लापरवाही पर गुरुवार को डीएम डॉ. दिनेश चंद्र ने मौके पर जाकर हकीकत देखी। ड्यूटी में लगे डॉक्टर आवासित नहीं मिले। जिला अस्पताल के प्रभारी सीएमएस व एसीएमओ डॉ. वीपी सिंह ने बताया कि ड्यूटी से अनुपस्थित मिले डॉ. अजीत वर्मा को डीएम व उन्होंने नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। इसके बाद कार्रवाई की जाएगी।
इधर, जिला अस्पताल के एल-टू अस्पताल में डॉक्टर के नहीं मिलने से वृद्धा एएलएस एंबुलेंस में तड़पती रही। सांस लेने में दिक्कत से वृद्धा को ऑक्सीजन के सहारे रखा गया था। काफी देर होने के चलते एक सिलिंडर की ऑक्सीजन खत्म हो गई। इसपर दूसरा सिलिंडर लगाया गया।
उद्घाटन के दस दिन बाद भी एल-टू अस्पताल का संचालन ठप
कोरोना संक्रमित गंभीर मरीजों के लिए जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर में तीस बेड का कोविड एल-टू अस्पताल का बनाया गया है। गंभीर मरीजों को वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा जा सके। दो सितंबर को डीएम ने अस्पताल का उद्घाटन किया था, लेकिन दस दिन बाद भी एल-टू अस्पताल का संचालन शुरू नहीं हो सका है। प्रभारी सीएमएस ने बताया कि एल-टू अस्पताल में ऑक्सीजन पाइपलाइन लगाने का काम किया जा रहा है।