इनकम टैक्स के चीफ कमिश्नर ने पनकी रतनपुर स्थित गड़रियनपुरवा गांव में बने स्वराज वृद्धाश्रम की जांच के आदेश दिए हैं।
डीएवी लॉ कॉलेज के पूर्व अध्यक्ष और एडवोकेट राजीव यादव ने चीफ कमिश्नर से स्वराज आश्रम की इनकम टैक्स एक्ट की धारा 80 जी और चेरिटेबिल ट्रस्ट के अंतर्गत मिलने वाली सुविधा तत्काल प्रभाव से निलंबित कराने और दस्तावेज की जांच कराने की अर्जी दी थी।
चीफ कमिश्नर ने इसका संज्ञान लेते हुए लखनऊ के इनकम टैक्स कमिश्नर को जांच के आदेश दिए हैं।
स्वराज वृद्धाश्रम में सिर्फ पैसे वालों को ही तरजीह मिलने और आश्रम की जमीन में हेरफेर का खुलासा ‘अमर उजाला’ में होने के बाद एडवोकेट राजीव यादव ने इनकम टैक्स के चीफ कमिश्नर को भेजी शिकायत में कहा था कि स्वराज वृद्धाश्रम में सिर्फ पैसे वाले वृद्धों को ही शरण मिलती है।
असहाय, कमजोर और बेसहारा लोगों के साथ बदसलूकी की जाती है। तहसील के रिकॉर्ड के मुताबिक स्वराज वृद्धाश्रम ग्राम सभा की ऊसर भूमि पर बना है।
स्वराज वृद्धावस्था आश्रम इनकम टैक्स अधिनियम की धारा 80 जी और 12 ए के अंतर्गत मान्यता प्राप्त है। संस्था को मिलने वाला धन और दान पर इनकम टैक्स की छूट मिलती है।
इस आश्रम में वृद्धों का प्रवेश संचालक मंडल की मनमर्जी पर होता है। प्रवेश में आर्थिक स्थिति के आधार पर भेदभाव किया जाता है। यह दान का दुरुपयोग है।
इसलिए संस्था को मिलने वाली यह सुविधा तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दस्तावेज की जांच की जाए। राजीव कुमार की शिकायत की पैरवी कर रहे अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित ने बताया कि एक जनवरी को चीफ कमिश्नर ने आश्रम की जांच के आदेश दिए हैं।
जांच के लिए जारी आदेश का पत्र मिल गया है। इनकम टैक्स अधिनियम की धारा 80 जी और 12 ए के अंतर्गत मान्यता प्राप्त एनजीओ की जांच लखनऊ स्थित इनकम टैक्स कमिश्नर के दफ्तर से होती है। इसलिए उन्हें जांच दी गई है।