दर्दनाक हादसा देख मां बेहोश हो गई
इटावा के भरथना-बिधूना मार्ग पर बुधवार दोपहर मां की अंगुली थामे जा रहे मासूम को प्राइवेट बस ने कुचल दिया। हादसे में बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई। ये दर्दनाक हादसा देख मां बेहोश हो गई। घटना से गुस्साए युवकों ने बस के खिड़की, दरवाजे और शीशे तोड़ दिए। चालक और हेल्पर बस छोड़कर भाग निकले। बस में सवार यात्री भी जान बचाकर भागे। इस दौरान भरथना-बिधूना मार्ग पर करीब चार घंटे तक जाम लगा रहा। पुलिस और अधिकारियाें ने मौके पर पहुंचकर भीड़ को समझाया।
ग्राम नगला ताल निवासी लक्ष्मी यादव की पत्नी सोनी बुधवार दोपहर दो बजे नगला कले अपने मायके जाने के लिए घर से निकलीं। उसके साथ छह साल का पुत्र दिव्यांशु भी था। मां-बेटे टेंपो से भरथना बंबा पुलिया पर उतर गए। वहां से सड़क किनारे पैदल ही भरथना कस्बे की ओर बस पकड़ने के लिए बढ़े। अचानक एक प्राइवेट बस पीछे से काल बनकर आई और मासूम दिव्यांशु को चपेट में ले लिया। मां की अंगुली हाथ से छूटी और दिव्यांशु बस के पहियों के नीचे कुचल गया। बेटे की मौत का सदमा सोनी सहन नहीं कर सकी और वहीं बेहोश हो गई। हादसे के बाद चालक ने बस भगाने की कोशिश की। भीड़ को देखते हुए चालक और हेल्पर चौराहे पर बस छोड़कर भाग गए। गुस्साए लोगों ने डंडों और ईंट पत्थरों से बस के खिड़की, दरवाजे और शीशे तोड़ दिए। आक्रोशित लोगों ने दोपहर तीन बजे भरथना-बिधूना मार्ग पर जाम लगा दिया। सूचना पर एसडीएम गोरेलाल शुक्ला और पुलिस अधिकारी, ब्लाक प्रमुख हरिओम यादव मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार को मुआवजा देने और चालक-हेल्पर की गिरफ्तारी की मांग की। कार्रवाई के आश्वासन पर लोग शांत हुए।