बेड पर पेशाब कर देने से नाराज एक महिला ट्यूटर और उसकी बेटी ने बुधवार को सात साल के मासूम को गर्म चिमटे से जगह-जगह दाग दिया। मासूम के नाजुक अंग समेत पूरे शरीर पर जलने के 17 घाव हैं। पीड़ित छात्र आरोपी के यहां ट्यूशन पढ़ने जाता था।
आरोपी ने पीड़ित बच्चे के अभिभावकों को समझा-बुझाकर मामला रफा-दफा करना चाहा, मगर शुक्रवार को मामला पुलिस तक पहुंच गया। नजीराबाद पुलिस ने हैलट में बच्चे का मेडिकल कराया और पिता की तहरीर पर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर लिया। आरोपी मां-बेटी को गिरफ्तार कर लिया गया, उन्हें शनिवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त चिमटा भी बरामद कर लिया है।
ट्यूटर और उसकी बेटी की बेरहमी का शिकार शिवा (7) पुत्र कैलाश वर्मा, अशोक नगर डाकखाना वाली गली का निवासी है। वह अस्सी फिट रोड स्थित नव बाल विकास भवन में केजी का छात्र है। कैलाश ने पुलिस को बताया कि शिवा घर के पास रहने वाली रीता मुखर्जी से ट्यूशन पढ़ता था। आरोपी रीता केडीए में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी है और घर पर बच्चों को ट्यूशन पढ़ाती थी। आरोपी बेटी मुनमुन एनएलके की विष्णुपुरी शाखा में टीचर है। वह कक्षा नौ और दस के स्टूडेंट्स को इंग्लिश पढ़ाती हैं।
एफआईआर के मुताबिक बुधवार शाम शिवा, रीता के घर ट्यूशन पढ़ने गया था, इस दौरान उसने रीता के बेड पर पेशाब कर दी। बिस्तर गीला देख रीता और उनकी बेटी देव स्मिता उर्फ मुनमुन आपे से बाहर हो गईं। मुनमुन ने शिवा को पकड़ा और रीता ने चिमटा गर्म करके उसके नाजुक अंग, जांघ, पैर, चेहरा और पेट को जगह-जगह दागा। कैलाश ने पुलिस को बताया कि शाम करीब 5.30 बजे रीता ने उन्हें मोबाइल फोन पर सूचना दी कि शिवा बहुत रो रहा है, चुप नहीं हो रहा है।
इस पर वह उनके घर गए और बच्चे को अपने साथ घर ले आए। रात में पत्नी मोना ने शिवा के कपड़े उतारे तो उसका शरीर जगह-जगह जला था। पूछने पर बच्चे ने ट्यूशन टीचर और उनकी बेटी की करतूत बताई। वह शिवा को इलाज के लिए क्षेत्र के एक निजी अस्पताल ले गए। इधर, दोनों आरोपी मामले को दूसरा रंग देने के लिए पीड़ित के अभिभावकों द्वारा 50 हजार रुपए मांगे जाने की बात कह रही हैं। मगर उनके पास इस बात का कोई जवाब नहीं है कि आखिर उन्होंने बच्चे को इतनी बेरहमी से क्यों जलाया ?
आरोपी टीचर और उसकी बेटी के खिलाफ चाइल्ड एक्ट की धाराओं का इजाफा किया जाएगा। जिस तरह से बच्चे को जलाया गया है। उससे मासूम की जान भी जा सकती थी। इसलिए आईपीसी की धारा 307 के तहत मामला दर्ज किया गया है। जीवाराम यादव, थानाध्यक्ष, नजीराबाद।