कानपुर जीआरपी प्रभारी निरीक्षक ओमनारायण सिंह ने बताया कि कानपुर सेंट्रल पर रात 12:20 बजे ट्रेन पहुंची। आरपीएफ, बम स्क्वॉयड, रेल बाजार पुलिस और रेलवे कर्मियों ने तीन हर कोच की तलाशी ली लेकिन कुछ नहीं मिला। जिस नंबर से कॉल आई थी, वह भी बंद था।
इस पर जीआरपी ने केस दर्जकर जांच शुरू की। नंबर ट्रेस कर पुलिस ने शुक्रवार दोपहर राह, घाटमपुर निवासी सगे भाई दीपक सिंह और अंकित सिंह चौहान को दबोचा गया। इनके पास से दो मोबाइल मिले हैं जिनमें से एक से जीआरपी कंट्रोल रूम को सूचना दी गई थी।
पूछताछ में दोनों ने बताया कि जनरल कोच में सीट पर बैठने को लेकर तीन युवकों से इटावा के पास विवाद हुआ था। उन्हें सबक सिखाने के लिए ही इटावा के पास से फर्जी सूचना दे दी थी। जीआरपी ने दोनों को जेल भेजा है।