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सुरक्षा कवच: वैक्सीन लगवाने से संक्रमण नहीं हुआ गंभीर, संक्रमित होने के बावजूद डॉक्टर सुरक्षित

Mon, 31 May 2021 07:51 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर इलाज के दौरान संक्रमित हुए। इनमें से किसी का ऑक्सीजन सेच्युरेशन इतना नीचे नहीं गया कि वेंटिलेटर की नौबत आती। कोरोना हल्का सा झटका देकर खत्म हो गया। 
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वैक्सीन की सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कोरोना की तीसरी लहर का खतरा मंडरा रहा है। ऐसे में वैक्सीनेशन ही बचाव का एकमात्र रास्ता सूझ रहा है। वैक्सीन से लोगों को सुरक्षा मिली भी है। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर इलाज के दौरान संक्रमित हुए। इनमें से किसी का ऑक्सीजन सेच्युरेशन इतना नीचे नहीं गया कि वेंटिलेटर की नौबत आती। कोरोना हल्का सा झटका देकर खत्म हो गया। 
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जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के सीनियर और जूनियर मिलाकर 52 डॉक्टर कोरोना की चपेट में आए। इनमें सभी ठीक होने के बाद दोबारा कोरोना वार्ड में ड्यूटी कर रहे हैं। इन्हें कोरोना का झटका इतना तेज नहीं लगा कि वेंटिलेटर पर ले जा पाता। इनकी तबीयत भी गंभीर नहीं हुई। एक-दो सीनियर डॉक्टर जो कोमॉर्बिड रहे, वे आईसीयू तक तो गए लेकिन अब ठीक हैं।

उनका कहना है कि यह सुरक्षा वैक्सीन की वजह से मिली है। संक्रमण तो हो गया लेकिन एंटी बॉडीज के कारण कोरोना इतना नहीं समा पाया कि हालत गंभीर करता। सर्जरी विभाग के सीनियर सर्जन डॉ. विकास कटियार कोरोना ड्यूटी कर रहे हैं। वे संक्रमण की चपेट में आए थे लेकिन ठीक होकर फिर ड्यूटी पर आ गए। इसी तरह सर्जरी विभाग के ही अन्य डॉक्टर ड्यूटी पर हैं।
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बताया कि वैक्सीनेशन से बहुत बचत हुई है। ऑक्सीजन लगवाने की नौबत नहीं आई। सामान्य इलाज से ही ठीक हो गए। इसी तरह स्त्री रोग विभाग के जच्चा-बच्चा अस्पताल की कोरोना नोडल अधिकारी सीनियर स्त्रीरोग विशेषज्ञ डॉ. सीमा द्विवेदी का कहना है कि बचाव का सबसे बढ़िया तरीका वैक्सीनेशन है। काम के दौरान कंसल्टेंट और रेजीडेंट कोरोना की चपेट में आए जरूर लेकिन कोई भी गंभीर नहीं हुआ।

मैंने कोविशील्ड की दोनों डोज ले ली थी। अस्पताल आने-जाने, लोगों से मिलने में संक्रमण हो गया। लेकिन इस पूरे समय काम करता रहा। ऐसी स्थिति थी कि काम प्राथमिकता पर रहा। बाद में रिपोर्ट निगेटिव आ गई। बिस्तर पकड़ने की नौबत नहीं आई। वैक्सीन से बहुत सुरक्षा मिलती है।

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डॉ. आरबी कमल, प्राचार्य जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज

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