शहर में ढाई हजार औद्योगिक इकाइयों के चालू होने से 50 हजार से ज्यादा कर्मचारी काम पर लौट चुके हैं। 26 दिन से जारी लॉकडाउन में यह राहत भरी खबर है। वहीं, प्रदेश सरकार ने गुरुवार को 11 अन्य तरह की औद्योगिक इकाइयों को चलाने की सशर्त मंजूरी दी है। यदि हफ्ते भर में ये उद्योग भी चलते हैं तो खाली बैठे कामगारों की संख्या में और कमी आएगी। माना जा रहा है कि हफ्ते भर के भीतर काम पर लौटने वालों की संख्या एक लाख तक पहुंच सकती है।
प्रदेश सरकार ने जिन 11 तरह के उद्योगों को चलाने की मंजूरी दी है उनमें कानपुर में चीनी मिल छोड़कर लगभग सभी तरह की करीब 500 औद्योगिक इकाइयां हैं। हालांकि ये इकाइयां तभी चलेंगी जब सरकार की ओर से घोषित मानकों को पूरा करेंगी। उद्यमियों ने निर्धारित मानकों को पूरा करने की रणनीति बनानी शुरू कर दी है। हालांकि, उद्यमियों का एक बड़ा धड़ा अभी भी सभी तरह की इकाइयां शुरू कराने के पक्ष में नहीं है।
सौ फीसदी उत्पादन के पक्ष में अभी उद्यमी भी नहीं हैं। उद्यमियों का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में काम कराने पर मानकों का पालन संभव नहीं होगा। ऐसे में 25 से 50 फीसदी कर्मचारियों के साथ ही काम कराया जाना उचित है। इसके अलावा सिर्फ उन्हीं औद्योगिक इकाइयों को मंजूरी दी जाए, जिनके न चलने से आम आदमी के जीवन में परेशानी पैदा हो रही है। ऐसे में खाद्य सामग्री, दवा और सुरक्षा उपकरण बनाने वालीं इकाइयां ही चालू हों। इनकी आड़ में अन्य तरह की इकाइयां चालू करके कोरोना संक्रमण का खतरा मोल नहीं लेना चाहिए।
शहर में स्टील की करीब 30, रिफाइनरी की 50, सीमेंट की एक, रसायन की 200, उर्वरक की 50, वस्त्र की 50, ढलाई वाले काम की 100, पेपर की 50, टायर की 30 इकाइयां हैं।