बांग्लादेशी नागरिक टाइगर रॉबी की ग्रीन पार्क स्टेडियम में क्रिकेट मैच देखने के दौरान तबीयत बिगड़ गई थी। इसके बाद उसे सर्वोदय नगर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। रात में उसकी तबीयत में सुधार हो गया। डॉक्टरों ने उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी। शनिवार को वह बांग्लादेश लौट गया।
बांग्लादेशी नागरिक टाइगर रॉबी उर्फ रबी-उल-इस्लाम की तबीयत में सुधार होने पर शुक्रवार रात उसे अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। शनिवार को वह बांग्लादेश लौट गया। जाते समय उसने कमिश्नरेट पुलिस की सरहाना की। पुलिस की जांच में यह बात सामने आई कि मेडिकल वीजा में भारत आया टाइगर रॉबी इलाज कराने के बजाय मैच देखने पहुंच गया था। पुलिस का दावा है कि टाइगर रॉबी ने जाते वक्त भी यही बताया कि उसके संग मारपीट नहीं हुई थी।
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डीसीपी पूर्वी एसके सिंह ने बताया कि मेडिकल वीजा ज्यादा से ज्यादा 15 दिनों के लिए जारी होता है। उसकी मेडिकल रिपोर्ट में लंग्स कैंसर की पुष्टि हुई है, जो कि पहले स्टेज पर है। डीसीपी के मुताबिक शुक्रवार को उसकी ग्रीन पार्क स्टेडियम में क्रिकेट मैच देखने दौरान तबीयत बिगड़ गई थी। इसके बाद उसे सर्वोदय नगर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। रात में उसकी तबीयत में सुधार हो गया। डॉक्टरों ने उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी। रात में उसे होटल में ठहराया गया। शनिवार को वह बांग्लादेश लौट गया।
कानपुर के दोस्त के बुलाने पर आ गया था
डीसीपी के मुताबिक एक भारतीय फैन दीपक पटेल मैच देखने ढाका गया था। टाइगर रॉबी ढाका परिसर में बने आवास में अन्य कर्मियों के साथ रहता है। दीपक पटेल के रुकने की व्यवस्था तब वहीं पर टाइगर रॉबी ने कराई थी। इसके बाद दोनों में अच्छी दोस्ती हो गई थी। रॉबी यहां आया तो उसकी दीपक पटेल से बात हुई थी। उसने पहले चेन्नई और फिर उसे कानपुर बुला लिया था।