रीजेंसी समेत शहर की नौ बिल्डिंगों की ऊंचाई बढ़ेगी। सोमवार को केडीए ने इन बिल्डिंगों की पर्चेबिल एफएआर के लिए स्वीकृति दे दी है। इससे केडीए को लगभग 20 करोड़ रुपये की आय होगी।
शहर में आबादी बढ़ रही है और आवासों की डिमांड भी बढ़ रही है। लेकिन उस हिसाब से जमीनें उपलब्ध नहीं हैं। इसी के मद्देनजर केडीए ने पिछली बोर्ड बैठक में मानकों का पालन करते हुए बिल्डिंगों की एफएआर (फ्लोर एरिया रेशियो) बेचने का प्रस्ताव पारित किया।
तय हुआ कि सड़क की चौड़ाई, मकान का प्लाट के क्षेत्रफल, शेडबैक, आसपास की स्थिति आदि से संबंधित मानक पूरे होने पर पर्चेबिल एफएआर दिया जा सकता है।
केडीए के नगर नियोजक आशीष शिवपुरी ने बताया कि केडीए बोर्ड से पर्चेबिल एफएआर के लिए स्वीकृति के बाद 15 दिन में ही सर्वोदय नगर, गुटैयार, विष्णुपुरी, फजलगंज, गुटैया, बैरी अकबरपुर कछार आदि क्षेत्रों के नौ बिल्डरों ने इसके लिए आवेदन किए।
पर्चेबिल एफएआर के लिए सोमवार को केडीए वीसी ने बैठक की। बैठक में सभी मामलों की जांच - पड़ताल की गई। बैठक में शासन से आए मुख्य नगर एवं ग्राम नियोजक अजय कुमार मिश्रा के साथ ही केडीए सचिव जगदीश, मुख्य नगर नियोजक स्वराज गांगुली, जल कल विभाग के जीएम, मुख्य अग्निशमन अधिकारी शामिल रहे।