विधानसभा चुनाव 2022 में भाजपा की सबसे बड़ी प्रतिद्वंद्वी पार्टी सपा के प्रमुख अखिलेश यादव ने जब से अपने चाचा प्रसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल यादव के साथ चुनाव लड़ने का समझौता किया है, तब से कार्यकर्ताओं में दोगुनी खुशी देखी जा रही है।
चाचा-भतीजे की इस जोड़ी को सोशल मीडिया पर भी जोरदार समर्थन मिल रहा है। संभावना बन रही है कि जल्द ही प्रसपा का सपा में विलय हो सकता है। अखिलेश यादव को अभी तक फेसबुक और ट्विटर पर उनकी पोस्ट के लिए उतने लाइक नहीं मिले हैं, जितने दोनों के एक साथ आने के बाद डाली गई पोस्ट पर मिले हैं।
सोशल मीडिया पर मिले इस जनसमर्थन के बाद अब चर्चा तेज है कि प्रसपा का सपा में विलय हो सकता है। अखिलेश यादव और शिवपाल यादव दोनों अपनी चुनावी यात्रा की शुरुआत कानपुर से करते हुए प्रदेश के विभिन्न जनपदों में गए।