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Kanpur: तीन सराफा कारोबारी के प्रतिष्ठानों पर आयकर सर्वे की कार्रवाई, बड़े पैमाने पर दस्तावेज जब्त, जांच जारी

Thu, 26 Oct 2023 05:06 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: तीनों प्रतिष्ठान का कम आयकर जमा होने के बाद कार्रवाई हुई है। बड़े पैमाने पर दस्तावेज जब्त किए गए। आयकर अफसर देर शाम तक जांच-पड़ताल करते रहे।
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सर्वे करती आयकर विभाग की टीम - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आयकर विभाग ने कर चोरी की आशंका में कानपुर के तीन सराफा कारोबारियों के चार प्रतिष्ठानों पर सर्वे किया। यह कार्रवाई आयकर विभाग की रेंज से की गई है। जांच में करोड़ों रुपयों की कर अपवंचना का मामला सामने आ रहा है। पता चला है कि पांच-छह साल में कारोबारियों की आय लगातार बढ़ रही है लेकिन रिटर्न में आय कम दिखा रहे थे। देररात तक टीमें जांच-पड़ताल करती रहीं। बड़े पैमाने पर दस्तावेज, कंप्यूटर, लैपटॉप, हार्ड डिस्क जब्त की हैं। सोना-चांदी का बड़ा स्टाॅक मिला है, जिसका मूल्यांकन किया जा रहा है।

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25 से ज्यादा अफसरों की चार टीमों ने गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे चौक सराफा के हजारीलाल ज्वैलर्स के दो दुकानें व शोरूम, पंकज चैन एंड ज्वैलर्स के नयागंज स्थित शोरूम और गोविंदनगर विद्यार्थी मार्केट स्थित रतन ज्वैलर्स के शोरूम पर एक साथ कार्रवाई की। रतन ज्वैलर्स के मालिक प्रवीण मल्होत्रा और कमल मल्होत्रा हैं। हजारीलाल ज्वैलर्स के मालिक किशोर कुमार सर्राफ व हजारी लाल एंड संस सर्राफ के मालिक अनूप कुमार व किशोर कुमार हैं। हजारी लाल का चांदी का बड़ा काम है।

पंकज चैन एंड ज्वैलर्स के मालिक पंकज अरोड़ा हैं। पंकज ऑल इंडिया जेम्स एंड गोल्ड स्मिथ फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष व कैट के राष्ट्रीय सचिव भी हैं। आयकर के सूत्रों के मुताबिक सभी मालिकों से अधिकारी पूछताछ कर रहे हैं। सभी प्रतिष्ठानों से कच्चे-पक्के खरीद-बिक्री के पर्चे मिले हैं। विभाग की टीमें खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड खंगाल रही हैं। विभाग के अधिकारी तीन से 10 साल तक का रिकॉर्ड खंगाल रहे हैं। प्रतिष्ठान में मौजूद कर्मचारियों व मालिकों के फोन भी जब्त कर डाटा रिकवर किया जा रहा है।
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आयकर में लौटी पुरानी व्यवस्था
आयकर विभाग में पुरानी व्यवस्था लौट आई है। एक बार फिर से रेंजों ने कार्रवाई शुरू कर दी है। साल 2016 तक आयकर विभाग कानपुर में छह रेंज हुआ करतीं थीं। वर्ष 2016 में सर्वे का अधिकार जांच शाखा को दे दिया गया था। अब फिर से आयकर विभाग में दो रेंज बना दी गई हैं। पहली रेंज फर्म से संबंधित कार्य करेगी और दूसरी रेंज कंपनियों से जुड़ी गतिविधियों का काम देखेगी।

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