इसमें ज्वैलरी और नकदी मिली। इस मामले में अभी तक घनाराम कंपनी के निदेशक बिशुन सिंह, उनके भाई व सपा से पूर्व एमएलसी श्यामसुंदर सिंह के प्रतिष्ठानों के अलावा झांसी में बिल्डर विजय सरावगी, वीरेंद्र राय, संजय अरोड़ा, शिवा सोनी, मयंक गर्ग के कार्यालयों, आवास व अन्य प्रतिष्ठानों समेत 25 जगहों पर कार्रवाई की जा चुकी है। इन सभी जगहों पर फर्जी बिलिंग के जरिए बड़ी मात्रा में कर चोरी की बात सामने आई है।
घर पर छह जगह लगाई गई सील, दो बोरों में भरकर ले जाए गए दस्तावेज
झांसी में चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) दिनेश सेठी के घर से आयकर विभाग की टीम तिजोरी उखाड़कर अपने साथ ले गई। इसके अलावा टीम अपने साथ दो बोरों में भरकर दस्तावेज भी ले गई। सीए के घर आईटी की अलग-अलग टीमों ने एक साथ पड़ताल की। इसके बाद शनिवार की देर रात अधिकारी चले गए।
आयकर विभाग की टीम ने बुधवार की सुबह जानकीपुरम् निवासी सीए दिनेश सेठी के घर पर दस्तक दी थी। उस समय सीए के घर पर ताला पड़ा हुआ था। परिवार के सभी सदस्य झांसी से बाहर थे, जबकि सीए दिनेश मॉर्निंग वॉक पर निकले हुए थे। लेकिन घर पर आईटी टीम के पहुंचने के बाद वे नहीं लौटे। शुक्रवार को आयकर को जानकारी मिली कि सीए की तबीयत खराब है और उनका इलाज गुरुग्राम के एक निजी अस्पताल में चल रहा है।
इस पर हेडक्वार्टर की परमीशन के बाद शनिवार को आयकर विभाग की टीम ताले तोड़कर सीए के घर दाखिल हो गई। आईटी की कई टीमें एक साथ मिलकर तकरीबन नौ घंटे तक सीए के घर पर पड़ताल करती रहीं। शनिवार को देर रात उन्होंने रवानगी ली। आयकर को सीए के घर में एक तिजोरी मिली। तमाम कोशिशों के बाद भी उसका ताला नहीं खुल पाया। इस पर टीमें अपने साथ सीए की तिजोरी उखाड़कर ले गईं।
इतना ही नहीं, दो बोरों में भरकर दस्तावेज भी ले जाए गए। सीए के घर के छह दरवाजों पर आयकर विभाग ने सील जड़ दी है। आयकर विभाग ने बिल्डरों के यहां भी छापेमारी की थी। चार्टर्ड अकाउंटेंट दिनेश सेठी को बिल्डरों के बीच की अहम कड़ी माना जा रहा है। संभावना जताई जा रही है कि सीए के पास बिल्डरों के लेन-देन से जुड़े अहमद दस्तावेज मौजूद हैं, जिन्हें आईटी टीमें अपने साथ ले गईं।