न्यूरॉन हास्पिटल में डॉ. राघवेंद्र गुप्ता और डॉ. स्वप्निल गुप्ता बैठते हैं। डॉ. राघवेंद्र मेडिकल कालेज में एसोसिएट प्रोफेसर हैं और न्यूरो सर्जन हैं। विभागाध्यक्ष के बाद उन्हीं का पद सीनियर है।
उनके स्वरूप नगर स्थित घर से पहले दिन एक करोड़ रुपये कैश बरामद हुए थे। इसके बाद यही से 30 लाख और कैश मिला। डॉक्टर का दावा था कि ये रकम बहीखाते में दर्ज है लेकिन दस्तावेज न दिखाए जाने पर रकम सीज कर दी गई।
सूत्रों ने बताया कि जांच में बहीखाते, इनवाइस और एकाउंट डिटेल्स मेनटेन नहीं मिले हैं। जांच में इसके साक्ष्य भी मिले हैं कि हॉस्पिटल में बिलिंग बहुत कम की जा रही थी और मरीजों से ज्यादा रुपये लिए जा रहे थे।
सूत्रों ने बताया कि डॉ. स्वप्निल गुप्ता पहले हैलट में संविदा पर कार्यरत थीं। बाद में वो नियमित हो गईं। डॉ. दंपती का हरबंश मोहाल स्थित दूसरा आवास बंद मिला।