आयकर विभाग ने सोमवार को कानपुर स्थित अहिरवां एयरपोर्ट पर आयकर अफसरों की तैनाती कर दी। एक डिप्टी कमिश्नर, चार इनकम टैक्स ऑफिसर (आईटीओ) और पांच इंस्पेक्टरों की टीम यात्रियों के सामान की जांच पड़ताल करेगी। आयकर विभाग फिलहाल लोकसभा चुनाव के खत्म होने तक हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों पर लगातार नजर रखेगा।
आयकर विभाग के सूत्रों ने बताया कि यूपी और उत्तराखंड के सभी हवाई अड्डों और हवाई पट्टियों पर आयकर के अफसर तैनात किए जा रहे हैं। अधिकारियों की संख्या संबंधित हवाई अड्डे से उड़ान और यात्रियों की संख्या पर निर्भर करेगी। इसी क्रम में कानपुर के एयरपोर्ट पर टीम तैनात की गई है। इसकी अगुवाई डिप्टी कमिश्नर गणेश शंकर सक्सेना करेंगे।
इनके साथ आयकर अधिकारी दिनेश सिंह गौतम, उपेंद्र सिंह, राकेश कुमार गुप्ता भी रहेंगे। सीसीटीवी और स्कैनर के जरिये यात्रियों और उनके सामान की जांच पड़ताल की जाएगी। चुनाव के बाद टीम तैनात रहेगी या नहीं, इसका फैसला बाद में होगा।
इसके अलावा जिन हवाई पट्टियों पर नियमित उड़ान नहीं होती, वहां पर पुलिस के बजाय अब केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के जवान तैनात होंगे। सैफई हवाई पट्टी इनमें से एक है।
नगदी व सोने का प्रवाह रोकना मकसद
सूत्र बताते हैं कि चुनावी दौर में नगदी का प्रवाह अचानक से बढ़ता है। आम तौर पर इसका इस्तेमाल चुनाव प्रभावित करने के लिए किया जाता है। इसे रोकने के लिए ही हवाई अड्डों पर निगरानी बढ़ाई जा रही है। यहां अब कस्टम के अफसरों के साथ आयकर विभाग के अफसर भी तैनात रहेंगे।
इसके अलावा किसी भी हवाई अड्डे पर कोई चार्टर्ड प्लेन आता है तो उसके उतरने से पहले इसकी सूचना हवाई अड्डा प्रशासन को आयकर विभाग को देनी होगी। आयकर अफसर इस बात की पड़ताल करेंगे कि उक्त प्लेन से किसकी यात्रा हुई? किस मकसद से हुई? इसमें कितना खर्च आया? सूचना मिली है कि सड़क मार्ग से नगदी पकड़े जाने के बाद से हवाला कारोबारियों ने रास्ता बदल दिया है। इस वजह से एहतियातन यह फैसला लिया गया है।