संशोधित रिटर्न और टैक्स देना को कहा गया
या फाइल नहीं किया जा रहा है। उन एनआरआई को नोटिस जारी किए गए हैं, जिनके बैंक खाते यहीं पर हैं और मोटा ब्याज मिल रहा है पर आयकर रिटर्न कम का दाखिल कर रहे हैं। विभाग के उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक अब उन्हें संशोधित रिटर्न और टैक्स देना को कहा गया है।
इन स्रोतों से जुटाई गई जानकारी
दरअसल आयकर विभाग ने स्टेटमेंट आफ फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन के 18 स्रोतों के जरिये जानकारी जुटाई। इसमें बैंकों, डाकघर से ब्याज की आय, नकदी जमा या निकासी, रजिस्ट्री कार्यालय से भूमि व भवन का क्रय विक्रय, म्यूचुअल फंड में जमा राशि, लाभांश, विदेशों से भेजी गई रकम, निर्यात, महंगी गाड़ी खरीदने वालों का डाटा, क्रेडिट कार्ड के जरिए लेन-देन करने वाले मामले सामने आने के बाद कार्रवाई की गई है।
अफसर संतुष्ट होंगे, तो बच जाएंगे कार्रवाई से
बताया गया कि जिन लोगों को नोटिस भेजा गया है। यदि वो अपना पक्ष रख सकते हैं या आयकर से जुड़े दस्तावेज या लेन-देन बता सकेंगे तो उन पर कार्रवाई नहीं की जाएगी। इसके लिए उन्हें विभाग के पोर्टल पर जाकर एआईएस वार्षिक सूचना विवरण भरना होगा और इस संबंध में दस्तावेज भी अपलोड करने होंगे।
10 लाख से अधिक वाली कार पर नजर
10 लाख से अधिक की कार खरीदने वाले, 30 लाख से अधिक कीमत वाली संपत्ति खरीदने वालों पर विभाग की नजर है। बताया गया कि सरकार ने नकद लेन-देन पर सख्ती की है। इसके बाद भी इन सब में बड़े पैमाने पर नकदी इस्तेमाल में आ रही है।
विभाग ने 10 करोड़ का किया संग्रह
विभाग ने ई-वैरिफिकेशन स्कीम के तहत वित्तीय वर्ष 2020-21 की कार्रवाई तेज कर दी है। विभाग को अच्छे परिणाम भी मिल रहे हैं। कानपुर रीजन में अब तक 10 करोड रुपये का संग्रह भी किया जा चुका है। संभावना है कि 3500 लोगों को नोटिस जारी करने के बाद अब यह आंकड़ा तेजी से बढ़ेगा।