एकल लेनदेन पर भी विशेष फोकस
वित्तीय वर्ष 2022-23 तक लगभग 24.51 लाख करोड़ बकाया था, जो मार्च 2024 तक बढ़कर 43 लाख करोड़ हो गया है। सूत्रों ने बताया कि आयकर विभाग के पास उच्च मूल्य के खर्च और निवेश आदि की सूचनाएं सालाना वित्तीय विवरण (एसएफटी) के जरिये मिल रही हैं। अब विभाग ने दो लाख से अधिक के माल एवं सेवा के एकल लेनदेन पर भी विशेष फोकस किया है।
इन मामलों में बड़े पैमाने पर हो रहे हैं नगद लेनदेन
वरिष्ठ कर अधिवक्ता संतोष कुमार गुप्ता ने बताया कि धारा 139ए और नियम 114-बी के तहत विशिष्ट लेनदेन में आयकर की पैन संख्या अंकित किया जाना अनिवार्य है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने होटल, बैंक्वेट हॉल, आईवीएफ क्लीनिक, हॉस्पिटल, फैशन डिजाइनिंग, कपड़ा स्टोर, एनआरआई कोटे के मेडिकल कालेज की सीटों पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए हैं। इन मामलों में नगद लेनदेन काफी बड़े पैमाने पर हो रहे हैं।