नौबस्ता इंस्पेक्टर शरद तिलारा के अनुसार मंगलवार सुबह नवजात बच्ची के एक लाल रंग के सूती रंग के कपड़े में फेंके जाने की जानकारी हुई तो मौके पर दरोगा सागर यादव को भेजा गया। नवजात की फोटो दिखाकर आस-पास रहने वाले लोगों से पहचान कराई गई। लेकिन किसी से कुछ भी पता नहीं चला।
इसके बाद पुलिस की एक टीम ने आस-पास लगे सीसीटीवी देखे लेकिन कुछ जानकारी हासिल नहीं हो सकी। शिनाख्त के लिए शव को मार्चुरी में रखवा दिया गया। तीन दिन के बाद शुक्रवार को नवजात बच्ची का पोस्टमॉर्टम किया गया। जिसमें मौत कारण स्पष्ट नहीं हो सका। इससे पहले महाराजपुर थानाक्षेत्र में हाईवे किनारे नवजात बच्चे, नौबस्ता हाईवे किनारे बर्रा बाईपास की ओर चलने पर पुलिया से पहले कूड़ेघर में नवजात बच्ची, अशोक नगर में एक कूड़े की गाड़ी में नवजात बच्ची को फेंका गया था। इस तरह की दिल को झकझोर देने वाली घटनाएं समय-समय देखने को मिलती हैं।