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कल से खत्म हो जाएगा इन दो बैंक का वजूद, पासबुक-चेकबुक और एटीएम कार्ड को लेकर होंगे बदलाव, जरूर पढ़ें

Sun, 31 Mar 2019 04:15 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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बैंक (फाइल फोटो)
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पहली अप्रैल से देना बैंक और विजया बैंक का वजूद हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा। दोनों बैंकों की शाखाओं में बैंक ऑफ बड़ौदा के बोर्ड लग जाएंगे। भविष्य में दोनों की पासबुक, चेकबुक, खाता संख्या, डेबिट और क्रेडिट कार्ड बैंक ऑफ बड़ौदा जैसे होंगे। 
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तीनों सरकारी बैंकों के विलय से खाताधारकों पर कोई खास असर नहीं होगा लेकिन इन बैंकों के खाताधारकों के लिए थोड़ा काम जरूर बढ़ जाएगा। पासबुक, चेकबुक और एटीएम कार्ड को लेकर बदलाव होंगे।

बैंक ऑफ बड़ौदा में विलय के बाद देना बैंक और विजया बैंक के खाताधारकों को नई चेकबुक, पासबुक बनवानी पड़ सकती है। यह बदलाव बड़े नेटवर्क और मजबूत बैंकिंग की वजह से खाताधारकों को लाभ देगा।

ऐसी उम्मीद की जा रही है कि खाताधारकों को पहले से बेहतर इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग की सुविधा मिल पाएगी। बैंक जो भी फैसले लेगा, उसके बारे में ग्राहकों को पहले से सूचित किया जाएगा। इसके लिए बैंक खाताधारकों को समय देगा। हालांकि, कोई भी बैंक शाखा बंद नहीं होगी। शहर में बैंक ऑफ बड़ौदा की 96, देना बैंक की छह और विजया बैंक की चार शाखाएं हैं। 
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तीनों बैंकों के आपस में विलय की घोषणा दो जनवरी 2019 को की गई थी। जानकार बताते हैं कि इस विलय के बाद बैंक ऑफ बड़ौदा भारतीय स्टेट बैंक और आईसीआईसीआई बैंक के बाद देश का तीसरा सबसे बड़ा बैंक बन जाएगा।

सरकार को बैंकों को आपस में विलय करने का लाभ मिलेगा। बैंक के परिचालन में बड़ी पूंजी बचेगी। तीनों बैंकों का मैनेजमेंट एक हो जाने से बड़ी सैलरी बचेगी। तीनों बैंकों के अलग-अलग शीर्ष पद पर बैठे व्यक्ति की जगह केवल एक शीर्ष अधिकारी होगा। 
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