जिन लोगों को कोरोना की वैक्सीन नहीं लगी और संक्रमण की चपेट में आ गए, वे ठीक होने के बाद भी नई बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। हैलट और उर्सला में जो पोस्ट कोविड रोगी आए हैं, उनमें अब गुर्दे, लिवर और पैंक्रियाज की दिक्कतें हो रही हैं।
कोरोना वायरस का जहर लोगों की आंतों में भी उतर गया है। लोग इरिटेबिल बॉवेल सिंड्रोम (आंतों की खराबी से एक तरह का अवसाद होना) जैसे रोग की चपेट में हैं। इसके साथ ही न्यूरो, डिप्रेशन और एंजाइटी भी हो रही है। रोगियों की हिस्ट्री से पता चला है कि इन्हें वैक्सीन नहीं लगी थी।
वहीं जो वैक्सीन लगवाने के बाद संक्रमित हुए हैं, उनमें ऐसी जटिलताएं नहीं मिल रही हैं। बिरहाना रोड के राकेश कुमार (56) ने बताया कि दूसरी लहर की शुरुआत में वे संक्रमित हुए। इलाज हैलट में चला था। एक्सरे रिपोर्ट में फेफड़ों में बदलाव आया था।
दवा से स्थिति बेहतर हुई लेकिन अब हाइपरटेंशन हो गया है। इसके साथ ही सीरम क्रेटेनिन बढ़ गया है। हैलट में ओपीडी में आजाद नगर के विमलेश विश्वकर्मा ने बताया कि उनका पेट हमेशा खराब रह रहा है। कभी अचानक दस्त आने लगते हैं और कभी कब्ज हो जाता है।